Princess Story In Hindi – राजकुमारी की अलौकिक प्रेम कथा

Last Updated on 2 weeks ago

Princess Story In Hindi – यह एक राजकुमार और एक रजकुमारी की प्रेम कथा पर आधारित कहानी  है। जिसे पढ़ने के बाद आपको बहुत ही आनंद आने वाला है। यह कहानी पढ़ने के बाद  आपको  ज्ञान का भी अनुभव होगा। आप पढ़ रहें हैं Princess Story In Hindi

Let’s start Princess Story In Hindi – बहुत समय पहले की बात है एक राजा था। वह बहुत ही दयालु और ईमानदार था। वह हमेशा प्रजा के हित के बारे में ही सोचता था।उनका दुर्भाग्य यह था कि उन्हें कोई औलाद नहीं हो रहा था। जिनके कारण राजा और उनकी पत्नी बहुत ही दुखी था। राजा अपनी रानी साहिबा को हर हाल में खुश देखना चाहता था, किसी ने कहा अगर आप भिक्षुक को अपना कुछ संपत्ति दान करते हैं, तो आपको औलाद हो सकता है। और फिर वह राजा भिक्षुक को धीरे-धीरे अपना संपत्ति दान करने लगा और फिर लंबे अरसे के बाद उन्हें एक बेटा हुआ।

पूरा महल में खुशी की लहर छा गया। राजा और रानी दोनों बहुत ही खुश हुए। उन्होंने अपने पूरे राज्य में तोफा और मिठाइयां बटवायी। राजा का बेटा जब धीरे-धीरे बड़ा हो गया तो पता चला कि वह मंदबुद्धि का है। राजा को जब यह बात पता चला वह उदास रहने लगा वह सोचने लगा कि आगे का राज पाट कौन चलाएगा। तभी उनके दरबारियों में से एक दरबारी ने उन्हें सलाह दिया कि हमारे गांव के थोड़ी ही दूर में एक मुनि का आश्रम है, अगर आप उनके आश्रम में जाते हैं, तो वह आपका समस्या का समाधान जरूर कर देगा। और फिर राजा अपनी सलाहकार के कहने पर अगले ही दिन मुनि के पास चला गया और फिर अपना सारी समस्या बतायी। मुनि ने राजा को समस्या का समाधान बताते हुए कहा की अगर आपका बेटा किसी राजकुमारी को अपनी बातों से प्रभावित करके उनसे विवाह करता है। तो उनकी बौद्धिक क्षमता सामान्य हो जाएगा।

राजा ने मुनि की सारी बात रानी साहिबा को बता दिया। राजा की बात सुनकर रानी साहिबा ने अपने बेटे को अपने राज्य से दूर ले जाने का फैसला किया। और फिर रानी साहिबा राजा की अनुमति लेकर अपने बेटे के साथ अपनी राज्य से दूर दूसरी राज्य में चली गई। और फिर वहां के स्थानीय लोगों के साथ मिलजुल कर रहने लगी। और फिर एक दिन उनका बेटा शिकार पर जाने का जिद करने लगा। बहुत-बहुत जिद करने पर रानी साहिबा ने अपने बेटे को सजा धाजाकर घोड़े पर बिठाकर शिकार के लिए भेज दिया और बोली अगर कोई जंगल में मिले तो उनका नाम पूछ कर जरूर आना।

और फिर जब वह शिकार के लिए जंगल में इधर-उधर घूम रहा था तभी उनका नजर एक सजी-धजी पालकी पर परा जब उन्हें कुछ नहीं सूझा तो वह पालकी का पीछा करने लगा। तभी एक सैनिक ने राजकुमारी को सूचना दी कि कोई अजनबी युवक हमारा पीछा कर रहा है। राजकुमारी को सुनकर बहुत अजीब लगा और उनके मन में कई सारे सवाल चलने लगे, और फिर थोड़ी देर के बाद राजकुमारी ने सैनिकों से पालकी रोकने का आदेश दिया। वह यह जानने के लिए उत्सुक हो रही थी कि कोई युवक हमारा पीछा क्यों कर रहा है। और फिर देखते ही देखते हुए युवक राजकुमारी की पालकी के काफी निकट आ गया। उनके कपड़े और कद काठी को देखकर राजकुमारी को लगा कि यह कोई दूसरे राज्य का राजकुमार है। और फिर वह युवक धीरे से बोलने लगा कि हम केवल इस पालकी में बैठी युवती का नाम जानना चाहता हूं। क्योंकि मेरी मां ने जंगल में किसी को मिलने पर उनका नाम पूछने का आदेश दिया है। तभी एक सैनिक बोल पड़ा, यह एक राजकुमारी है यह किसी अजनबी को अपना नाम नहीं बता सकती है। राजकुमारी ने अपनी सूझबूझ से उनके हुनर और प्रतिभा का पता लगाने का प्रयास की और बोली अगर तुम मेरा नाम जानना चाहते हो तो कल तुम्हें हाथ-पाव के रानी के पेड़ के बगीचे के पास मिलना होगा वही पर अपना नाम बताऊंगी।

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उसे कुछ समझ में नहीं आया और फिर वहां से वापस चल दिया। जब घर पहुंचा, तो उनकी मां ने देखा वह बहुत परेशान है। जब उसकी मां ने उनका परेशानी के कारण पूछा तो उसने राजकुमारी के बारे में सारा बात बता दिया और बोला राजकुमारी ने हमें बोली अगर तुम्हें मेरा नाम जानना है तो कल तुम्हें हाथ पांव के रानी के बगीचे के पास हमसे मिलना होगा। रानी साहिबा को लगा शायद राजकुमारी को भी पता चल गया होगा कि यह मंदबुद्धि का है और इसलिए उन्होंने उलझा हुआ जवाब दिया। और फिर रानी साहिबा ने अपने बेटे को समझाते हुए बोली अगर तुम्हें राजकुमारी ने बुलाया है तुम्हें कल जाना चाहिए।लेकिन समस्या यह थी कि वह हाथ पांव के रानी का बगीचा कहां ढूंढता तभी रानी साहिबा ने उन्हें समझाते हुए बोली बेटा हाथ पांव का रानी का बगीचा का मतलब होता है। मेहंदी का बगीचा और फिर कल उनकी मां ने उन्हें राजकुमारी से मिलने के लिए हाथ पांव के रानी के बगीचे के पास भेज दिया। और बोली अगर तुम्हें राजकुमारी वहां मिलती है तो तुम यह कंगन उपहार के रूप में उसे दे देना। राजकुमारी वहां अपने तीन सहेलियों के साथ में टहल रही थी। और फिर कल के अजनबी के बारे में बातें कर रही थी। तभी वह अजनबी वहां पर पहुंच गया। राजकुमारी उन्हें देखकर बहुत खुश हुई। राजकुमारी को लगा यह प्रतिभाशाली होने के साथ-साथ बुद्धिमान भी है। इतना में वह राजकुमारी के निकट पहुंच गया। और फिर राजकुमारी से बात करते हुए उन्होंने अपनी मां का दिया हुआ कंगन राजकुमारी को दे दिया। राजकुमारी को लगा शायद ये अजनबी राजकुमार कंगन देकर हमारे सामने विवाह का प्रस्ताव रख रहे हैं।

राजकुमारी कंगन लेते हुए बोली हमारे पास तो अभी आप को उपहार देने के लिए कोई वस्तु नहीं है। मैं भी आपको बदले में तो उपहार देना चाहती हूं। इसलिए आपको कल यहीं पर हमसे मिलने के लिए दो घोड़े पर सवार होकर आना होगा। और फिर वह यह सोचते हुए घर पहुंचा कि एक घोड़े पर सवार होना तो ठीक है दो घोड़े पर सवार होकर कोई कैसे आ सकता है। और फिर घर पहुंचते ही अपनी रानी मां से मिलकर सारी बात बताया और फिर रानी साहिबा ने अपने बेटे को समझाते हुए बोली बेटा कल तुम्हें राजकुमारी से मिलने के लिए अपने दोनो पैरों में बुट पहनकर जाना है। और फिर सवेरे होते ही रानी साहिबा ने दो घोड़े पर सवार करवा के राजकुमारी से मिलने के लिए भेज दिया। राजकुमारी हाथ पांव के रानी के बगीचे में अपनी सहेलियों के साथ उनका इंतजार कर रही थी। जैसे ही वह राजकुमारी के नजदीक पहुंचा राजकुमारी उन्हें देखकर बहुत खुश हुई अब राजकुमारी को विश्वास हो गया था कि यह सच में बहुत ही प्रतिभाशाली और बुद्धिमान राजकुमार है। और फिर राजकुमारी उस अजनबी राजकुमार से बातें करते हुए बोली हमने आपका दिया हुआ कंगन से कुछ गहने बना लिए हैं। जो मुझे आपको उपहार के रूप में देना है। आप चाहे तो इसमें से चुन सकते हैं। और फिर राजकुमारी थाली में सजाए हुए गहने को उस अजनबी राजकुमार के सामने रख देती है।

समस्या यह थी कि उस उपहार वाली थाली में तीन तरह के गहने थे। चूड़ी, अंगूठी और पायल जब वह अजनबी राजकुमार ने उस उपहार को देखा तो उसे समझ में नहीं आ रहा था कि हमें कौन सा उपहार चुनना है और कौन सा नहीं चुनना है। और फिर उसने कहा राजकुमारी हम आपको कल बताएंगे कि हमें कौन सा उपहार चाहिए और कौन सा उपहार नहीं चाहिए। और फिर अगले दिन राजकुमारी को मिलने के लिए कहा! और फिर वापस घर लौट गया। घर पहुंचते ही अपनी रानी मां से मिलकर राजकुमारी के उपहार के बारे में सब बता दिया। और फिर रानी साहिबा ने उस उपहार का मतलब समझाते हुए बोली बेटा वह तुम्हें गहने के माध्यम से शादी का प्रस्ताव दे रही है। अंगूठी का मतलब होता है कि तुम विवाह सगाई की हुई लड़की से करना चाहते हो।
चूड़ी का मतलब होता है कि तुम विवाह किसी विधवा औरत से करना चाहते हो
और पायल का मतलब होता है की राजकुमारी तुम्हें अपने से शादी करने के लिए प्रस्ताव दे रही है।इसलिए तुम्हें तीनों उपहार में से पायल चुनना है।

वह अगले ही दिन राजकुमारी से मिलने के लिए चला जाता है। और फिर राजकुमारी द्वारा दिए जाने वाला उपहार में से केवल पायल चुनता है। पायल चुनते ही राजकुमारी बहुत खुश होती है और फिर उस अजनबी राजकुमार को अपना गले लगा लेती है। और फिर राजकुमारी उनके विवाह के प्रस्ताव को खुशी- ख़ुशी स्वीकार करती है।

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  • Princi Soni

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