MP News: मध्य प्रदेश पटवारी भर्ती घोटाले से नाराज युवाओं ने कलेक्टर कार्यालय को घेरा

मध्य प्रदेश पटवारी भर्ती घोटाले मे क्लीन चिट मिलने के बाद नियुक्तियां के निर्देश दिए गए जिसके बाद नाराज़ युवाओं द्वारा विरोध प्रदर्शन शुरु हो गया। मध्य प्रदेश पटवारी भर्ती घोटाले को लेकर छात्रों द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया। हाथों में बैनर/ पोस्टर के साथ विरोध प्रदर्शन की रैली औरअंत में कलेक्टर कार्यालय को घेरा गया।

पटवारी भर्ती घोटाले पर छात्रों ने रखी अपनी मांग

पटवारी भर्ती घोटाले पर इंदौर में हजारों छात्रों द्वारा विरोध प्रदर्शन कर रैली निकाली गई और इंदौर कलेक्टर कार्यलय के बाहर अपनी मांगों को लेकर छात्रों ने धरना प्रदर्शन किया। छात्रों ने पटवारी भर्ती घोटाले की जांच CBI से कराने की मांग की क्योंकि छात्रों का कहना है कि मध्य प्रदेश पटवारी भर्ती में बड़े स्तर पर घोटाला हुआ है और सरकार मामले को दबाना चाहती है।

पटवारी भर्ती घोटाले में छात्रों द्वारा SBI की जांच के साथ अन्य मांगे भी रखी गई जिसमें सबसे पहले छात्रों ने मांग की – 2 हजार सब इंस्पेक्टर की भर्ती हो। व्यापम द्वारा मंडी इंस्पेक्टर, लेबर इंस्पेक्टर, महिला पर्यवेक्षक के साथ अन्य भारतीयों के कैलेंडर भी जारी हूं इसके साथ ही केंद्र की नकल विरोध कानून तत्काल प्रभाव से लागू कर पटवारी परीक्षाएं भी उसी अनुसार कराई जाए और व्यापम की ऑनलाइन परीक्षा राष्ट्रीय स्तर की आईटी कंपनी को दिया जाए ताकि इस तरह के घोटाले दोबारा ना हो।

MPPSC छात्रों का मिला समर्थन

पटवारी भर्ती घोटाला में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को MPPSC अभ्यर्थियों का सहयोग मिला। क्योंकि एमपीपीएससी के अभ्यर्थी मेंस परीक्षा में 90 दोनों का अधिक वक्त मांग रहे हैं लेकिन सरकार द्वारा उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है और इसी वजह से पटवारी परीक्षा के अभ्यर्थियों को एमपीपीएससी के अभ्यर्थियों का साथ मिला। प्रर्दशन कर रहे छात्रों को कलेक्टर से मिलने की अनुमति नहीं दी गई जिस पर छात्रों ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा उनकी बात ना माने जाने पर भोपाल जाकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा और यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

यह भी पढ़ें – MP News: इंदिरा जी के तीसरे बेटे कहलाते हैं कमलनाथ, नहीं छोड़ेंगे कांग्रेस का हाथ

पटवारी परीक्षा में 25 को होगी काउंसलिंग

पटवारी भर्ती घोटाले में नियुक्तियां के आदेश आने के बाद राजस्व विभाग द्वारा 25 फरवरी से पहले काउंसलिंग और दस्तावेज सत्यापन का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए चयनित उम्मीदवार निर्धारित तारीख तक काउंसलिंग के लिए उपस्थित नहीं होते हैं तो उनका पद रिक्त माना जाएगा। और काउंसलिंग के लिए जनित अभ्यर्थियों को आवंटित जिले में ही उपस्थित होना होगा।

यह भी पढ़ें – सरकारी कर्मचारियों के लिए सरकार ने दिए निर्देश, अब रिटायरमेंट के बाद नहीं मिलेंगी ये सुविधाएं

Author

Leave a Comment

Your Website