12 लाख सरकारी कर्मचारी 9 फरवरी को करेंगे सबसे बड़ा आंदोलन, यहाँ देखें जरुरी मांगों की सूची

नमस्कार दोस्तों, मध्यप्रदेश राज्य चुनाव के बाद से  7.50 लाख कर्मचारी एवं 4.50 लाख सेवानिवृत्त कर्मचारी महंगाई भत्ता और मंहगाई राहत न मिलने से परेशान हैं, क्योकि जिस तरह के वादे चुनाव के पहले किये गए थे उनमें से अब कोई भी वादे पूरे नहीं हो रहे हैं ऐसे में हर दिन कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है क्योंकि बढ़ती हुई महंगाई में उन्हें अपना जीवन जीने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

कर्मचारियों को 4% महंगाई भत्ता और महंगाई राहत देने की घोषणा तो कई बार हो चुकी है परन्तु अभी तक मिल नहीं पाई है सरकार के इस झूठे वादों से सेवानिवृत कर्मचारियों को ज्यादा परेशानी हो रही है, और बढ़ती उम्र के साथ उनके और उनके परिवारों के खर्चे भी बढ़ते ही जा रहे हैं ऐसे में कर्मचारियों को सिर्फ अब सरकार से ही आस है।

9 फ़रवरी को होने वाले आंदोलन और उनकी मांगे 

राज्य सरकार के इन रवैये को देखते हुए अब कर्मचारी संघ ने आंदोलन करने की ठान ली है जिसकी जानकारी खुद तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव उमाशंकर तिवारी ने बताया है आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में नए मुख्यमंत्री मोहन यादव के खिलाफ यह लाखों कर्मचारियों का पहला आंदोलन होगा। 

राज्य के कर्मचारियों के कहना है कि वह केंद्र सरकार के कर्मचारियों से पिछड़ते ही जा रहे हैं जबकि चुनाव के पहले उन्हें उनके बराबर महंगाई भत्ता और महंगाई राहत देने की घोषणा की गई थी परन्तु वह घोषणा सिर्फ घोषणा ही रह गई। जिसके विरोध में 9 फरवरी को यह आंदोलन किया जा रहा है। इसमें महंगाई भत्ता, महंगाई राहत, वाहन भत्ता और मकान किराया बढ़ाने की मांग प्रमुख है।

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राज्य संघ के प्रमुख कर्मचारियों से बात करने पर पता चला कि इस आंदोलन का मकसद सरकार को यह एहसास दिलाना है कि अपने वादों को पूरा कर अपने दायित्वों को सही तरीके से पूर्ण करें साथ ही लगातार हो रही देरी को देखते हुए कर्मचारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से अपनी मांगों को लेकर तत्काल निर्णय लेने की अपील की है। कर्मचारी नेताओं ने कहा है कि इस भीषण महंगाई में कर्मचारियों एवं सेवानिवृत कर्मचारियों को हितों की रक्षा करना सरकार का पहला दायित्व है।

कमलनाथ ने भी खोला मोर्चा 

कर्मचारियों की मांग पूरा न होने पर आंदोलन की स्थिति आ गई है ऐसे में इसे लेकर सियासी मुद्दा भी बहुत तेज़ हो गया है जिसका फायदा अब विपक्षी पार्टी को मिल रही है ऐसे में कमलनाथ मोहन सरकार के खिलाफ उनके मांगो को लेकर कर्मचारियों का साथ खड़े हो गए हैं ऐसे में सियासत बहुत ज्यादा गरमा गई है। कमलनाथ ने मोहन यादव को कहा – “मुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूं कि सरकारी कर्मचारियों के साथ छलावा करने की बजाय वह कर्मचारियों को उनका अधिकार दें और 46% महंगाई भत्ता देना सुनिश्चित करें।”

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  • Srajan Thakur

    मेरा नाम सृजन है और मुझे लिखना काफी पसंद है। मैं एक जिज्ञासु वक्तितित्व का हूँ इसलिए मैं सम्पूर्ण विषयों के ऊपर लेख लिखने में सक्षम हूँ। में एक पूर्ण रूप से लेखक कहलाता हूँ।

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