MP News: सीएम शिवराज की घोषणा से लाडली बहनों पर आई मुसिबत, गैस कनेक्शन ट्रांसफर करने में हो रही परेशानी

MP News: लाड़ली बहना योजना के तहत पात्र महिलाओं और उज्जवला योजना सहित राज्य की अन्य सभी महिलाओं को भी 450 रुपएए में गैस सिलेंडर प्रदान किया जा रहा है। हालाकि इसके लिए महिलाओं के नाम पर गैस कनेक्शन होना अनिवार्य है। लेकिन सीएम शिवराज सिंह ने इसका भी तोड़ महिलाओं को दिया कि अगर किसी महीला के नाम पर गैस कनेक्शन नहीं है तो उसे पति के नाम की जगह अपना नाम जुड़वाना होगा।

लेकिन सीएम शिवराज सिंह जी की इस घोषणा के बाद राज्य की बहनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही मंडला जिले के सर्री, सकवाह, ढेंको सहित सिलगी और खारी की महिलाओं को गैस एजेंसी के चक्कर काटते और परेशान होते देखा गया। मीडिया (अपना कल) से बात करने के दौरान माया प्रजापति नाम की इस महीला ने बताया कि गैस एजेंसी वाले नाम ट्रांसफर नहीं कर रहे हैं। और लगातार नए-नए दस्तावेजों की मांग कर रहे हैं।

दमोह में हुई घोषणा से बहनें परेशान

मध्यप्रदेश के दमोह जिले में हाल ही में हुई घोषणा ने लाडली बहनों के लिए एक नया आयोजन किया है। मुख्यमंत्री जी ने लाडली बहना योजना के तहत घरेलू गैस सिलेंडर योजना की शुरुआत की। इस योजना के द्वारा अब लाडली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं को गैस सिलेंडर 450 रुपए देने की बात मुख्यमंत्री जी ने कही थी।

सीएम ने अपनी घोषणा के दौरान यह कहा था कि लाडली बहना गैस सिलेंडर योजना का लाभ केवल उन महिलाओं को मिलेगा जिनके नाम पर गैस कनेक्शन होगा, अब मुख्यमंत्री की इस बात को लेकर महिलाओं को परेशानी हो रही है कि गैस कनेक्शन पहले से ही महिलाओं के पतियों के नाम पर हैं तो अब मुसीबत की बात यह है कि जितनी भी महिलाओं के पतियों के नाम से गैस कनेक्शन है, उन महिलाओं को गैस कनेक्शन ट्रांसफर करने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

बहनें लगा रही गैस एजेंसी के चक्कर

जिन महिलाओं के गैस कनेक्शन उनके पति के नाम पर हैं उन महिलाओं को गैस एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, ऐसे में महिलाओं को गैस कनेक्शन अपने नाम पर ट्रांसफर करने में दिक्कत हो रही है। अब गैस एजेंसी के कर्मचारियों का कहना है कि लाडली बहना योजना पोर्टल पर नगर निगम के जो कर्मचारी आवेदन कर रहे हैं, वहीं से गैस कनेक्शन भी पत्नी के नाम पर होगा, जबकि नगर निगम के कर्मचारियों का कहना है कि यह काम उनके हाथ में नहीं है, इस काम को केवल गैस एजेंसी के कर्मचारी कर सकते हैं, इसी बात को लेकर महिलाएं गैस एजेंसी के चक्कर काट रही हैं।

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महिलाएं कर रही समस्या का सामना

इस घोषणा के बाद, कई महिलाएं गैस एजेंसी के कर्मचारियों पास गई हैं और अपने पतियों के नाम से बने गैस कनेक्शन को अपने नाम पर कराने की मांग की हैं। लेकिन वह उनके नाम पर नहीं हो रहा है। इससे एक अजीब परिस्थिति उत्पन्न हो रही है, जिसमें महिलाएं गैस सिलेंडर के लिए लगातार चक्कर लगा रही हैं, लेकिन उनके पतियों के नाम से कनेक्शन को अपने नाम पर नहीं करा पा रही हैं।

नोडल अधिकारी ने कहा यह काम गैस एजेंसी का है

नगर पालिका नोडल अधिकारी के अरशद खान सिटी मैनेजर ने बताया कि यदि पतियों के नाम से गैस कनेक्शन है, तो इसे पत्नियों के नाम पर ट्रांसफर करने का काम गैस एजेंसी का है। मुख्यमंत्री की घोषणा ने एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया है कि क्या महिलाओं को वाकई में इस योजना का लाभ मिल सकेगा या नहीं?

हालाकि हाल ही में इस परिस्थिति के चलते गैस एजेंसियों में मेला लगा हुआ है। गैस एजेंसी के कर्मचारी कह रहे हैं कि नगर पालिका के कर्मचारी जो लाडली बहना योजना पोर्टल पर आवेदन कर रहे हैं, वहीं पतियों के नाम से गैस कनेक्शन भी पत्नियों के नाम पर करेंगे, जबकि नगर पालिका के कर्मचारी कह रहे हैं कि यह काम उनका नहीं है।

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