MP News: मध्य प्रदेश के मंडला में 20 नवंबर को हुई भयानक ज्वैलरी शॉप लूट की वारदात में अब पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी से इलाके में हलचल है, और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द लूटा गया सोना–चांदी भी बरामद हो जाएगी। आइए जानते हैं पूरा मामला — क्या हुआ, कैसे पकड़े गए आरोपी, और क्या है अब आगे।
मंडला ज्वैलरी शॉप लूट 2025
मंडला जिले के कटरा में स्थित आयुषी ज्वैलर्स की दुकान बंद कर मालिक आयुष सोनी और उनके कर्मचारी अपना सामान समेट कर कार में रख रहे थे। तभी एक कार रुककर चार नकाबपोश बदमाश आए, उन्होंने पिस्तौल तानकर जेवरातों से भरा बैग छीन लिया। विरोध करने पर बदमाशों ने गाड़ी में बैठे युवक को गोली मार दी, फिर बैग लेकर फरार हो गए। यह घटना कुछ मिनटों में हुई, जिसके बाद इलाके में दहशत फैल गई।
देखें कैसे हुई गिरफ्तारी — पुलिस को मिली सफलता
पुलिस ने मंडला जिले व आसपास के मोबाइल-टावर लोकेशन, टोल-प्लाज़ा और CCTV फुटेज का विश्लेषण किया। इस दौरान संदिग्ध गाड़ियों की ट्रैफिक/फुटेज से पहचान हुई। इसके बाद बिहार में, मुजफ्फरपुर जिले के सदर, बरूराज और पारू थाना क्षेत्र में छापेमारी की और मास्टरमाइंड मो. खालिद समेत तीन आरोपियों को पकड़ा गया। दो अन्य आरोपियों के नाम हैं शशि कुमार और कृष्णा कुमार सिंह। घटना में इस्तेमाल कार और आरोपियों के मोबाइल भी बरामद हो चुके हैं।
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पुलिस का कहना है कि पूछताछ में खालिद ने स्वीकार किया कि लूट की योजना वही बनाता था और उसने मध्यप्रदेश व बिहार के अन्य अपराधियों की मदद से यह वारदात अंजाम दी थी। आरोपियों ने बताया कि लूट के बाद उन्होंने सोना–चांदी लेकर फरार हुए थे। फिलहाल, पुलिस लूटा माल बरामद करने की कोशिश कर रही है।
इलाके में दहशत और सुरक्षा मांग
इस घटना ने मंडला में दुकानदारों और आम लोगों में बेहद चिंता पैदा कर दी है। इस तरह की वारदातों से व्यापारियों को रात में या दुकान बंद करने के बाद डर सताने लगा है। व्यापारियों ने प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने — जैसे बढ़ी हुई गश्ती, CCTV कवरेज, और समय-समय पर पुलिस का चेक-पोस्ट की मांग की है।
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दखें जनता क्या कहती है?
ऐसी घटनाओं से स्पष्ट है कि खुफिया जांच, समय-सीमा, और आपसी पुलिस-पुलिस सहयोग बेहद ज़रूरी है। मध्यप्रदेश और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई इस दिशा में सकारात्मक कदम है। लेकिन हर बार गिरफ़्तारी करना ही पर्याप्त नहीं — जरूरत है कि सोना-चांदी सहित सारा माल वापस आम जनता के भरोसे पहुंचे, ताकि व्यापारियों और आम लोगों का विश्वास बना रहे।
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साथ ही, स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि दुकान बंद होने के बाद विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे — अन्यथा अपराधियों को मौका मिलता रहेगा।









