MP News: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने नर्सिंग स्टूडेंट्स को दी राहत, 1 साल बाद पुराना रिजल्ट जारी

मध्य प्रदेश में नर्सिंग फर्जीवाड़ी को लेकर लंबे समय से हाईकोर्ट में केस चल रहा था। और अब हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद वर्ष 2023 में नर्सिंग छात्रों के रिजल्ट 1 साल बाद जारी किए गए हैं। हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार 61000 छात्राओं के रिजल्ट घोषित किए गए हैं जिसमें सभी छात्राओं को राहत मिली है।

बुधवार को नर्सिंग घोटाले में हुई सुनवाई

हाई कोर्ट के स्पेशल बैच के समक्ष बुधवार को नर्सिंग घोटाला के मामले में सुनवाई की गई है इस दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि डिप्लोमा कोर्स की परीक्षाओं और परीक्षाओं के परिणाम से संबंधित किसी भी तरह की रोक नहीं लगाई गई है इसलिए उनके उनके विषय पर सरकार अपने हिसाब से निर्णय ले सकती है। केस उन मामले पर किया गया था जिस पर एग्जाम होने के बाद रिजल्ट अटक गया था।

नर्सिंग घोटाले से जोड़ी 25000 चुका हूं की सुनवाई बुधवार को की गई थी। GNM के रिजल्ट को लेकर महाधिवक्ता प्रशांत सिंह आवेदन कर परीक्षा परिणाम के रिजल्ट अनुमति मांगी थी जिस पर कोर्ट ने साफ कह दिया कि उन्होंने डिप्लोमा और परीक्षाओं के रिजल्ट से संबंधित किसी भी तरह के रूप नहीं लगाई है इसलिए उनका रिजल्ट अब राज शासन के स्तर पर जारी कर सकते हैं।

CBI की जांच का मामला भी आया सामने

CBI ने जो रिपोर्ट पेश करी हुई थी वह मध्य प्रदेश के सिर्फ 308 कॉलेज से संबंध रखती थी जबकि वर्तमान में 396 नर्सिंग कॉलेज ऐसे जिनकी सीबीआई ने जांच नहीं की है। और न ही नियम CBI की रिपोर्ट के अनुसार हाई कोर्ट ने किसी तरह की निर्देश देने की बात कही।

क्योंकि राज्य शासन की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने याचिका दायर की थी कि CBI की रिपोर्ट के अनुसार उच्च स्तरीय समिति गठित कर इस मामले की सुनवाई करे। लेकिन CBI ने फर्जीवाड़े से संबंधित जांच नहीं की है। तो यह भी साफ है कि सीबीआई की रिपोर्ट पढ़ने के बाद अदालत किसी भी तरह का निर्णय ले ही नहीं सकती।

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राज्य शासन लेगी अपने स्तर पर निर्णय

नर्सिंग फर्जीवाड़ी में पिटीशन द्वारा उन छात्रों की तरफ से FIR दर्ज की गई थी जिनका एग्जाम होने के बाद रिजल्ट नहीं आया था यह उनका रिजल्ट अटका हुआ था। लेकिन हम हाई कोर्ट के निर्णय के अनुसार राज्य शासन अपने स्तर पर निर्णय ले सकती है। और अब हाईकोर्ट के अनुसार जल्दी ही राज शासन अपने स्तर पर निर्णय लेगी।

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