Motivational Speech In Hindi एक पवारफूल भाषण On India

Last Updated on 11 hours ago

Motivational Speech In Hindi एक पवारफूल भाषण On India :- जब आप विपरीत परिस्थितियों का सामना करने के लिए साहस दिखाते हैं, तो आप अपना और दूसरों का जीवन बदल देते हैं। दुनिया में सबसे उत्तेजक प्रेरक भाषण औसत के लिए व्यवस्थित नहीं होंगे और विपत्ति के माध्यम से विजय प्राप्त करेंगे। हम उन लोगों से सबसे ज्यादा प्रेरित होते हैं जिन्होंने कठिनाई का अनुभव किया है और कभी हार नहीं मानी है।

भाग्य महान है, लेकिन जीवन अनुभव करने के लिए है। कभी-कभी तनाव से बाहर निकलने का एकमात्र तरीका इसके माध्यम से होता है; जीवन में चुनौतियों से पार पाने के लिए संघर्ष का सामना करें। कई बार लड़ाई हमें सबक सिखाने के लिए होती है। हम या तो उस पाठ से सीख सकते हैं या उसे नकार सकते हैं।

एक विकासवादी दृष्टिकोण से , मानव मन का प्राथमिक लक्ष्य आपको सुरक्षित रखना है। कभी-कभी यह आत्म-तोड़फोड़ की ओर ले जाता है क्योंकि अपने आराम क्षेत्र में रहना और जोखिम से बचना आसान होता है। हालाँकि, महान चीजें कभी भी सामान्यता से नहीं आती हैं। औसत के लिए समझौता करना छोड़ दें और असाधारण के लिए प्रयास करें ।   

नीचे वे शब्द हैं जिन्हें मैंने शक्तिशाली उत्तरजीवियों से प्रेरित होकर लिखा है। एक मुख्य वक्ता के रूप में , मैं कई ऐसे लोगों से मिलता हूं जो दुर्भाग्य से बच गए हैं और फले-फूले हैं। तनाव में ताकत खोजने, डर पर काबू पाने और अपने सपनों को जीने के लिए प्रेरक भाषण के लिए निम्नलिखित शुरुआती बिंदु है।

आप तक एक अनोखा स्पीच पहुँचने का मेरा एक छोटा सा प्रयास है, यह स्पीच जो की बहुत ही  interesting  और motivational है।

हमें प्रेरणा की आवश्यकता क्यों है?

छात्रों के लिए प्रेरक भाषण के कुछ विषयों को देखने के बाद अब आप सीखेंगे कि प्रेरणा क्या है। तो प्रेरणा क्या है? तुम्हें यह क्यों चाहिए? यदि एक अकेला व्यक्ति या जानवर प्रेरित हो सकता है तो आप क्यों नहीं? 

आज के जीवन में हर व्यक्ति के जीवन में तरह-तरह के दबाव हमेशा मौजूद रहते हैं। चाहे हम इसे स्वीकार करें या न करें, हमेशा कुछ ऐसा होता है जो हमें निराश करता है, और यह हमारे लक्ष्यों या यहां तक ​​कि हमारे सामान्य दैनिक जीवन को प्राप्त करने के रास्ते में आ सकता है। 

प्रेरणा चीजों पर आपके दृष्टिकोण को बदल सकती है और आपको कुछ अतिरिक्त बढ़ावा देकर अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की ओर धकेल सकती है जो कि कुछ करिश्मे को काम करने के लिए चाहिए। आप छात्रों के लिए कुछ अद्भुत लिखित प्रेरक भाषणों से प्रेरणा प्राप्त कर सकते हैं । छात्रों के लिए प्रेरक भाषण कलाकारों से लेकर उद्यमियों तक किसी भी क्षेत्र में किसी के लिए भी उपयुक्त हैं, जो चाहते हैं कि उनके काम को मान्यता और सफलता मिले।

प्रेरक भाषणों के विषय जो छात्रों को दिए जा सकते हैं

  1. अनुशासन की भूमिका
  2. शिक्षा का उद्देश्य क्या है?
  3. जीवन कौशल का महत्व
  4. शिक्षा क्षेत्र में अवसर
  5. संचार कौशल का महत्व
  6. महान विभूतियों की जीवन गाथाएँ
  7. जलवायु परिवर्तन 
  8. वैश्विक अवसर 
  9. कंप्यूटर क्रांति
  10. प्रौद्योगिकी 
  11. विज्ञान और प्रौद्योगिकी में हाल की खोजें
  12. शोध कार्य का मूल्य
  13. प्रौद्योगिकी की भूमिका

मार्टिन लूथर किंग जूनियर का भाषण

समानता के लिए मार्टिन लूथर किंग जूनियर का प्रसिद्ध भाषण 1960 के दशक की शुरुआत में अमेरिकी जीवन के संदर्भ में दिया गया था। हालाँकि कुछ संदर्भ आज लागू नहीं हो सकते हैं, यह बयानबाजी का एक प्रतिष्ठित टुकड़ा है और अभी भी आधुनिक जीवन के लिए कई अनुप्रयोग हैं। आप इसे छात्रों के लिए प्रेरक भाषण पीडीएफ के रूप में प्राप्त कर सकते हैं।

आपको क्यों लगता है कि छात्रों के लिए प्रेरक भाषण महत्वपूर्ण हैं? क्योंकि प्रेरणा हर किसी के लिए अलग होती है; कुछ लोगों को बाहरी प्रेरणा की आवश्यकता होती है और अन्य अपने आंतरिक ड्राइव पर भरोसा करते हैं। लेकिन एक बात सच है: हर इंसान को कुछ भी करने के लिए प्रेरणा की जरूरत होती है। 

छात्रों को अपने करियर में अध्ययन और सफलता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए भाषणों के माध्यम से प्रेरणा की आवश्यकता होती है। भाषण का एक रूप एक कोच द्वारा दिया जाता है, जो अपने लक्ष्यों का पीछा करते हुए मिलने वाले सबसे प्रभावशाली व्यक्ति हो सकते हैं। छात्रों के लिए प्रेरक भाषण छात्रों को मेहनती होने और जुनून के साथ अपने लक्ष्य का पीछा करने के लिए प्रेरित कर सकता है। जीवन में सफलता की कुंजी हमेशा दूसरों को प्रेरित करने के तरीकों का पता लगाने में रही है, चाहे वह कोई बहाना ढूंढना हो या किसी को वह धक्का देना हो जिसकी उन्हें जरूरत है।

छात्रों के लिए मोटिवेशनल स्पीच

क्या आपको वह समय याद है जब आपने निराश महसूस किया था और आगे बढ़ने के लिए कुछ प्रेरणा की आवश्यकता थी? खैर, अच्छी नींद या कुछ प्रेरक भाषणों सहित बहुत सी चीजें आपको इस भावना को दूर करने में मदद कर सकती हैं। प्रेरक भाषण आपको वक्ता के साथ प्रतिध्वनित होने में मदद कर सकते हैं और यह विश्वास दिला सकते हैं कि आप अकेले नहीं हैं। आप इन भाषणों को सुनकर जीवन में आने वाली चुनौतियों को हल करने के बारे में कुछ अंतर्दृष्टि प्राप्त कर सकते हैं। 

वर्षों से, नेता और प्रेरक वक्ता महान विचार साझा कर रहे हैं और मानवीय कल्पना को आकर्षित कर रहे हैं। हर वक्ता ने किसी न किसी तरह से हमें बेहतर भविष्य की कल्पना करने के लिए प्रभावित किया है। लेकिन कुछ वक्ताओं ने हमारे दुनिया को देखने के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है। ये वो हैं जिन्होंने हमें सबसे ज्यादा प्रेरित किया है। और हमने इस ब्लॉग में ऐसे हर वक्ता के प्रेरक भाषण को शामिल करना सुनिश्चित किया है। पढ़ते रहिये!

स्टीव जॉब्स: मरने से पहले कैसे जिएं

आदमी, मिथक, दंत कथा। अपने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शुरुआती भाषण में, स्टीव जॉब्स, सीईओ, और ऐप्पल और पिक्सार के सह-संस्थापक, अपने आंत पर भरोसा करने के बारे में बोलते हैं। यह किसी तरह पहले से ही जानता है कि आपको कहां होना चाहिए। वह “बिंदुओं को जोड़ने” के बारे में भी बोलता है।

जब आप पीछे मुड़कर अपने जीवन को देखते हैं, तो वे कहते हैं, आप देखेंगे कि सब कुछ जुड़ा हुआ था। यह आपको एक सार्थक और नियति गंतव्य तक ले गया। स्टीव जॉब्स की यह बात छात्रों के लिए जीवन बदलने वाला प्रेरक भाषण है। यह आपको इस अभिनव उद्यमी और दूरदर्शी के लिए प्यार और प्रशंसा की भावना देता है, जिनकी अपने अधीनस्थों पर सख्त होने की प्रतिष्ठा थी।

एलिजाबेथ गिल्बर्ट: योर मायावी क्रिएटिव जीनियस

सबसे अधिक बिकने वाली पुस्तक “ईट, प्रे, लव” की लेखिका एलिजाबेथ गिल्बर्ट रचनात्मकता पर अपने विचारों के बारे में बात करती हैं। वह रचनात्मक प्रतिभा के इतिहास में तल्लीन करती है और विभिन्न परिभाषाओं के साथ-साथ सदियों से रचनात्मकता पर विश्वासों के विकास की पृष्ठभूमि देती है।

इस प्रेरक भाषण में, एलिजाबेथ रचनात्मक प्रतिभा के साथ अपने अनुभव और फिर से जुड़ने की क्षमता के साथ अपने संघर्ष को साझा करती है। मुझे यह बात बहुत पसंद है क्योंकि वह रचनात्मकता को एक रहस्यमय और दिव्य उपहार की तरह ध्वनि देती है जिसे उन लोगों द्वारा पकड़ा जाना चाहिए जो इसे उपयोग करने के लिए पर्याप्त भाग्यशाली हैं। वह कुछ बहुत ही रोचक अवधारणाएँ प्रस्तुत करती हैं, और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि भी बहुत ही विचारोत्तेजक है।

जेके राउलिंग: द फ्रिंज बेनिफिट्स ऑफ फेल्योर, एंड द इम्पोर्टेंस ऑफ इमेजिनेशन

जेके राउलिंग न केवल एक मंत्रमुग्ध करने वाली लेखिका हैं, बल्कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ प्रेरक वक्ताओं में से एक हैं। हार्वर्ड में उनके प्रारंभिक भाषण ने लाखों छात्रों के साथ उनकी कहानी साझा की, उनसे असफलता से न डरने का आग्रह किया और उन्हें कल्पना की शक्ति का दोहन करने के लिए प्रेरित किया।

इससे पहले कि उनके काम को पहचाना जाता, राउलिंग एक गरीब एकल माँ थी जो रात के स्कूल में अंग्रेजी पढ़ाती थी और अपने खाली समय में लिखती थी। यह असफलता का सामना कर रहा था जिसने उसे वह सबक सिखाया जो उसे जीवन में सफल होने के लिए आवश्यक था। अपने प्रेरक भाषण में, वह इस बारे में भी बात करती है कि कल्पना कैसे “वह शक्ति है जो हमें मनुष्यों के साथ सहानुभूति रखने में सक्षम बनाती है” और हमें दूसरों की भलाई के लिए इसका उपयोग करने के लिए प्रेरित करती है। 

Motivational Speech In Hindi On India

हम अपनी जान के दुश्मन को जान कहते हैं मोहब्बत के इसी मिट्टी को हिंदुस्तान कहते हैं जो दुनिया में सुनाई दे उसे कहते हैं खामोशी जो आंखों में दिखाई दे उसे तूफान कहते हैं यह जो दीवार का सुराग है साहब चीन, पाकिस्तान, और  अमेरिका साजिशों का हिस्सा है मगर हम इसे अपने घर का रोशनदान कहते हैं,

आजादी, आजादी का सही मतलब वही समझ सकता है जिसने कभी गुलामी की हो हम सौभाग्यशाली हैं कि हमने स्वतंत्र भारत में जन्म लिया यू तो आजादी का लाव सन 1857 में ही जल चुकी थी जो वारसाल बनकर हमें 1947 में आजादी दिलाई प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक भारत के उदाहरण से स्पष्ट करना चाहता हूं कि  जब हम फिरंगियों के फेरे में फंस गए थे।

रंग दे बसंती की एक आवाज पर  टोली का  टोली उमर आते थे। और उनके वंदे मातरम के नारों से खून में आने वाला पांच पांच डिग्री का तूफान अंग्रेजी शासकों के जड़ों में तूफान ला देता था लोग मर जाते थे।  मिट जाते थे, फांसी चढ़ जाते थे, अपने देश भक्ति को साबित कर रहे होते थे। क्योंकि ये उस दौर की देशभक्ति की कसौटी थी

उसके बाद 62 , 65 और 71 की युद्ध में अपना सुहाग गवा देने वाली औरत जब घर की हालत ये हो जाया करते थे। कि प्यार भी भरपूर गया और मांग का सिंदूर भी गया नन्हे नौनिहालों की लंगोटिया चली गई छोटी छोटी बेटियों की चोटियां  चली गई बाप की कमाई गई भाई की पढ़ाई गई ऐसा एक विस्फोट हुआ पता ही चला नहीं पूरी जिस्म की ही बूटियां चली गई और आपके लिए तो एक आदमी मरा है साहब मेरे घर की तो रोटियां चली गई।

हालात बहुत खराब होने के बावजूद भी एक मां अपने बेटे को सरहद पर लड़ाइयां करने के लिए भेज दिया करती थी और पत्र लिखकर भेजा करती थी मां ने पत्र लिखा है बड़े ही चाव से पुत्र मेरे घबरा ना जाना 1 इंच भी पीछे मत हटना चाहे तू इंच इंच कट जाना इस तरह एक मां अपने बेटे को पत्र लिखकर भेजा करती थी तब देश मर जाने को कहता था तब देश मिट जाने को कहता था किंतु आज देश ना तो मर जाने को कहता है नहीं तो मिट जाने को कहता है और हर व्यक्ति अपना काम सच्चा और ईमानदारी से करें तो यही हमारे लिए सच्चा देशभक्ति की होगी

फेसबुक और व्हाट्सएप की डीपी को तीन रंग में रंगना ही देश भक्ति नहीं होती अगर आप सोच रहे हैं कि साल में दो बार हाथ में तिरंगा ले लेना देशभक्ति है तो मै आपको बता दूं फुटपाथ पर रहने वाला वो बच्चा ट्रैफिक के छांव में नंगे पांव में जब तिरंगा बेच रहा होता है। तो क्या इसे आप देशभक्ति कहेंगे ये उनकी देशभक्ति नहीं है साहब  उनकी पेट की भूख की शक्ति है। 

जो उसे ऐसा करने पर मजबूर करता है क्योंकि ना ही वह मस्जिद को जानते हैं ना ही शिवालो वालों को जानते हैं जो पेट के भूखे होते हैं ना वह सिर्फ नीवालो को जानते हैं अपने परिवार अपने समाज अपने देश के लिए समर्पण का भाव है देश भक्ति और हर देशद्रोही की जीवन में आने वाला तूफान है हमारा देश भक्ति ताकि वह देशद्रोही यह समझ सके कि अगर तू परिंदा है तो यह आसमान तेरा है अगर तू दरिंदा है तो ये शमशान तेरा अगर भाईचारा के भाव से रहना है तो रहे इस जमीन पर वरना यह कब्र भी तेरा है और श्मशान भी तेरा है।

लेकिन एक देशद्रोही से ज्यादा देशभक्ती तब आहत होती है जब एक बेटा अपने वृद्ध माता-पिता को वृद्धा आश्रम में छोड़ आते हैं आज के इस दौर में वह युवा जिनके ऊपर यह जिम्मेदारी थी अपने देश अपने समाज अपने राष्ट्र के आशाओं को बांधे रखने की वही युवा अब चार बई 4 इंच की छोटी सी  स्क्रीन पर अपनी कोमल उंगलियों की घर्षण मारते हुवे अपनी भावनाओं की इमोजी फेंक रहा है चार बोतल वोट का काम मेरा रोज का यही काम रह गया है उनका  इन्हीं कारणों से भारत का भविष्य तबाह हो उठा है ।

हम ना एक ऐसे समाज में जीते हैं जहां लड़कियों को लड़कों से बात करता देख एक भाई अपने बहन को हरकते  हैं और  वही भाई अपनी गर्लफ्रेंड के किस्से घर में हंस हंस के सुनाते हैं और मैं आपको बताना चाहूंगा महिला सुरक्षा के मामले में आज भी हमारा देश चौथे नंबर पर आते हैं हम ना एक ऐसे समाज में जीते हैं जहां मूरत के पत्थर को लोग  56 भोग लगते है  और दूसरी ओर लोग  भूखे, नंगे तड़पते सो जाते हैं

इस लिए  मजदूर को मजदूर समझिए मजबूर नहीं गरीब को काम दीजिए दान नहीं, अगर दान देने के लिए इच्छुक हैं, तो जीते जी रक्तदान दीजिए और मरने के बाद अंगदान दीजिए अब मरते हुए लोगों को जीवनदान दीजिए यही सच्ची देशभक्ति है । और यही सच्चा राष्ट्रप्रेम है 

ना सरकार मेरी है और ना रब मेरा है और ना ही यह बड़ा सा नाम मेरा है बस इतनी सी बात का गुरूर है मुझे मैं भारत का हूं। और यह भारत मेरा है। परंतु एक वैचारिक बीमारी हमारे समाज में हमें नजर आती है कहा जाता है कि हम दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है जहां हिंदू पैदा होते हैं। मुस्लिम पैदा होते हैं। सिख और ईसाई भी पैदा होते हैं।

लेकिन बदकिस्मती है, की  इंसान पैदा नहीं होती है। मेरी विचारों में ना तो हिंदू की जरूरत है ना ही मुसलमान की जरूरत है और राष्ट्र निर्माण के लिए केवल एक अच्छे इंसान की जरूरत है जरा सोच कर देखिए यह पेड़ पौधे यह शाखाएं भी परेशान हो जाए अगर परिंदे भी हिंदू और मुसलमान हो जाए।

बड़े ही आश्चर्य की बात है इस देश ने पूरी दुनिया को तक्षशिला नालंदा देकर विश्व विद्यायी शिक्षक की बुनियाद रखी आज विश्व की 100 सर्वश्रेष्ठ विश्व विद्यालयों में हमारा एक भी विश्वविद्यालय खड़ा नहीं हो पाता जहां एक ओर हमारे पास आईआईटी, आई आई एम और एन आई टी जैसे शिक्षण संस्थान है वहीं दूसरी ओर इस देश के गरीबों को बेरोजगारी की जमात में खरे लोगों को  उनकी हाथ में सर्व शिक्षा अभियान की झुनझुना हाथ में ठहरा दिया और मैं आपको बता दूं। 

इस शैक्षणिक बीमारी का केवल एक कारण यह है कि हमारे देश की शिक्षा नीति केवल 2 तरह के लोगों की बनती हैं एक वह जो विद्वान है और दूसरा वह जो धनवान है इसी तरह की कई गजब बीमारियां हैं। और इन बीमारियों का जो जड़ है ना यह हमारा अंधविश्वास है और मेरी विचारों में जब तक इस देश की युवा अपनी सफलता के लिए मंदिरो में जा जाकर नारियल फोड़कर भगवान को रिश्वत का भोग  लगाता रहेगा तब तक हमारा अन्धविश्वाश युहीं बरक़रार रहेगी 

हमारे समाज का शिक्षित वर्ग ही बिल्ली के रास्ता काटने पर खड़े हो जाना अपने धर्म अपनी जाति को ऊंचा मानकर कर दूसरे के धर्म की अवहेलना करता रहेगा तब तक ना तो इस देश की  अंधविश्वास खत्म होगा और ना ही हमारा राष्ट्र निर्माण संभव होगा। हमारी संस्कृति हमारी सभ्यता को दुनिया ने शीश नवाया है। तू क्यों आस्था के नाम पर अंधविश्वास फैलाया है।

मेरे विचारों में राष्ट्र निर्माण तब संभव हो पाएगी जब इस देश में महिलाओं की पूजा ने उसकी इज्जत की जाएगी। राष्ट्र निर्माण तब  संभव होगा जब हम जाति का संरक्षण नहीं जब हम सामाजिक सशक्तिकरण पर बात करेंगे राष्ट्र निर्माण तब संभव होगा। जब स्वच्छ अभियान में केवल सरकार ही नहीं बल्कि सड़क पर चलने वाला हर नागरिक सरकार की अभियान में हाथ बटाएगा 

Motivational Speech In Hindi

स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत को दिल से अपनाएगा । असल मायने में हमारा राष्ट्र निर्माण तब संभव होगा जब एक गरीब बच्चा  स्कुल  मध्यान भोजन के लिए नहीं बल्कि ज्ञान अर्जन के लिए सरकारी स्कूल की चौखट पर कदम रखेगा। और हमारा राष्ट्र निर्माण तब तक संभव नहीं होगा जब तक एक नागरिक नैतिक रूप से सकीन चरित्रिक रूप से भ्रष्ट मानसिक रूप से दिवालिया धार्मिक रूप से अंधा राजनीतिक रूप से गंदा स्वैच्छिक मान मूल्य के आंकड़ों में जिन, सिंध, बायपंद, मायाखंड भारत के खंड खंड करता रहेगा तबतक  हमारा राष्ट्र निर्माण संभव नहीं होगा।

बड़ी-बड़ी बातें नहीं छोटी-छोटी कोशिश करनी होगी क्योंकि ठोकर हमें पहाड़ से नहीं बल्कि पत्थरों से लगा करती है । और मैं सेल्यूट  करना चाहूंगा सरहद पर हमारी रक्षा करते हुए हर उस वीर जवानों की, इस देश की पुलिस प्रशासन और किसानों की  और इस देश की हर उस व्यक्ति को जो अपना काम पूरी ईमानदारी मेहनत और लगन से करते हैं जिनके बिना राष्ट्र निर्माण की कल्पना करना भी असंभव सा लगता है हमारे देश की यह  जिम्मेदारी नहीं है की  ये हमें आगे ले जाय,  बल्कि हमारा जिम्मेदारी है अपने देश को आगे ले जाने की। अपने राष्ट्र को आगे ले जाने की, अपने वतन को आगे ले जाने की

लास्ट में यही कहना चाहूंगा कि मेरा हिंदुस्तान महान था महान है और महान रहेगा  अगर हौसला सबके अंदर बुलंद हो  तो 1 दिन पाकिस्तान भी जय हिंद कहेगा पाकिस्तान ही क्यू सारा जहां जय हिंद कहेगा क्योंकि सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा हम बुलबुले है इसकी ये गुलसिता हमारा
जय हिंद वंदे मातरम
 
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हमे उम्मीद है आपको इस आर्टिकल में मोटिवेशनल स्पीच | Powerful Motivational Speech In Hindi से संभंधित सभी जानकारी मिल गई होगी और आपको यह आर्टिकल पसंद भी आया होगा, उसके अलावा आपको कोई संदेह या सवाल तो आप हमे नीचे कमैंट्स बॉक्स में पूछ सकते हैं।

धन्यवाद!

लेखक के बारे में

  • Princi Soni

    I have been writing for the Apna Kal for a few years now and I love it! My content has been Also published in leading newspapers and magazines.

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