मध्य प्रदेश के पटवारी परीक्षा परिणाम पर सीएम शिवराज का बड़ा फैसला, दोबारा हो सकती है परीक्षा

मध्यप्रदेश में कर्मचारी चयन मंडल में (ईएसबी) ने मार्च-अप्रैल 2023 में ग्रुप-2 (सब ग्रुप-4) और पटवारी भर्ती परीक्षा पूरे राज्य में कराई गई थी। लेकिन परीक्षा के परिणाम आने के बाद से ही सीएम शिवराज सिंह एक बार फिर से व्यापम घोटाले की तरह आरोपों से घिर चुके हैं।

मध्य प्रदेश पटवारी भर्ती घोटाला

मध्यप्रदेश पटवारी परीक्षा परिणाम का सारा विवाद ग्वालियर में स्थित एनआरआइ कालेज आफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट में बने केंद्र का है दरअसल इस केंद्र से 114 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है जिसमें पटवारी परीक्षा के टॉप 10 अभ्यर्थियों में से 7 इसी केंद्र से हैं। 7 टॉपर्स ने कुल 200 अंकों में से 177.88 से 183.36 तक प्राप्त किए। मध्यप्रदेश में 15 मार्च से 26 अप्रैल 2023 तक पटवारी परीक्षा का आयोजन किया गया था जिसमें राज्य के 12 लाख से भी ज्यादा युवा शामिल हुए थे।

पटवारी परीक्षा में चयनित टॉपर्स द्वारा हस्ताक्षर कालम में पांच अभ्यर्थियों ने सिर्फ अपना नाम लिखा है जिससे यह साबित होता है कि उन से हस्ताक्षर करते भी ढंग से नहीं आ रहा है और पटवारी परीक्षा में कुल 9093 पदों के लिए भर्ती की गई थी जिसमें उन्होंने से पटवारी के ऑप्शन को चयन किया था जबकि पटवारी सहित कई अन्य पद भी इसमें शामिल थे। एक ही केंद्र से सभी टॉपर्स, एक ही केंद्र से 114 अभ्यर्थियों का चयन और सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है की सभी के रोल नंबर ‘2488′ से क्रम से शुरू होते हैं। यह सिर्फ एक संयोग नहीं माना जा सकता है।

सीएम शिवराज सिंह ने नियुक्तियों पर रोक लगाई

पटवारी परीक्षा परिणाम गड़बड़ी के आरोपों के बीच आने पर सीएम शिवराज सिंह ने नियुक्तियों पर रोक लगाई है। साथ ही विधायक के कॉलेज में बने परीक्षा केंद्र के परिणामों पर जांच करने के निर्देश दिए हैं।

सीएम शिवराज सिंह ने ट्वीट कर पटवारी परीक्षा परिणाम के अनुसार नियुक्तियों पर रोक लगाने की जानकारी साझा की। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि “कर्मचारी चयन मंडल द्वारा समूह 2 उप समूह 4 एवं पटवारी भर्ती परीक्षा के  परीक्षा परिणाम में एक सेंटर के परिणाम पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है। इस परीक्षा के आधार पर की जाने वाली नियुक्तियां अभी रोक रहा हूं। सेंटर के परिणाम का पुनः परीक्षण किया जाएगा।”

मध्य प्रदेश पटवारी भर्ती घोटाला

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इंदौर के छात्रों द्वारा शिवराज सरकार के खिलाफ प्रदर्शन जारी

व्यापम घोटाले की तरह एक बार फिर पटवारी भर्ती घोटाला सामने आने के बाद युवा बेहद परेशान है। इसी के चलते इंदौर के युवाओं ने अपने हक की लड़ाई लड़ते हुए शिवराज सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया है और जांच की मांग को लेकर हजारों युवा द्वारा सड़कों पर प्रदर्शन कार्य किया जा रहा है।

कांग्रेस सरकार ने शिवराज सरकार पर साधा निशाना

पटवारी भर्ती घोटाला सामने आने के बाद कांग्रेस सरकार ने सीएम शिवराज पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि “मध्यप्रदेश में पटवारी परीक्षा घोटाला, व्यापमं घोटाला 2.0 है, जो प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। भाजपा सरकार युवाओं से रोजगार चोरी कर रही है।”

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मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ जी ने भी शिवराज सरकार को घेरे में लेते हुए ट्वीट किया –

कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित समूह-2, उप समूह-4 एवं पटवारी भर्ती परीक्षा के परिणाम में गड़बड़ी और धोखाधड़ी के मामले सामने आने के बाद सीएम शिवराज सिंह ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि इन परीक्षा परिणामों पर धांधली और घोटाला हुआ है। लेकिन अब यह देखने लायक होगा की इन मामलों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान क्या कार्यवाही करवाते हैं या फिर व्यापम घोटाले की तरह भी इस मामले को अनदेखा कर दिया जाएगा। आपकी क्या राय है कमेंट करके जरूर बताएं।

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