मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों की खुली किस्मत, शासन को लिखा पत्र केंद्र के समान मिलेगा महंगाई भत्ता

हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और वेतन वृद्धि को लेकर के फैसले लिए गए थे जिसमें खुद राज्य के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव जी और उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। और अब केंद्र के समान महंगाई भत्ता राज्य सरकार के कर्मचारियों को दिए जाने का प्रस्ताव सामने आया है।

केंद्र के समान महंगाई भत्ते के लिए लिखा पत्र

मध्य प्रदेश के उपनगर क्षेत्र कटनी जंक्शन स्थित संयुक्त मोर्चा की कार्यालय में हाल ही में हुई बैठक में प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों के हित में फैसले लिए गए हैं और बात रखी गई है। जिला स्तर की इस बैठक में हुए फैसले के अनुसार प्रवक्ता कुंवर सिंह राजपूत द्वारा राज्य शासन को पत्र लिखकर राज्य के अधिकारियों एवं सरकारी कर्मचारियों की महंगाई भत्ते को केंद्र के समान 46% करने पर जोरदार वकालत की गई।

मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को 42% महंगाई भत्ता वर्तमान में दिया जाता है। और कुंवर सिंह राजपूत द्वारा लिखे गए इस पत्र में यह स्पष्ट लिखा गया कि केंद्र सरकार के दायरे में आने वाले समस्त सरकारी कर्मचारियों को विगत जुलाई माह से केंद्र के समान 46% महंगाई भत्ता बढाकर दिया जाए।

हालांकि विधानसभा चुनाव के पहले भी यह बात रखी गई थी की मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को केंद्र सरकार के सामान दिए जाने वाले महंगाई भत्ता दिया जाएगा जो की काफी लंबे समय से घोषित अनुबंध है। विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार द्वारा एक तरफ जीत हासिल करने के बाद भी अब तक ऐसा नहीं हुआ है लेकिन वर्तमान में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।

हालांकि संयुक्त मोर्चा द्वारा मध्य प्रदेश के अधिकारियों एवं सरकारी कर्मचारियों के पक्ष में पत्र लिखकर राज्य शासन के समक्ष रखा गया है जिसमें 4 प्रतिशत महंगाई भत्ते की बढ़ोतरी की बात पर दबाव दिया गया और उम्मीद है कि लोकसभा चुनाव के पहले सरकारी कर्मचारियों को 4% महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा।

यह भी पढ़ें – मध्य प्रदेश सरकार ने किया ऐलान, इन 20 जिलों के 17 हजार बेरोजगारों को मिलेगा रोजगार

मध्य प्रदेश सरकार ने दिखाई सख्ती

हालांकि मध्य प्रदेश सरकार ने महंगाई भत्ते को लेकर के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है लेकिन दूसरी तरफ तीन बच्चे वाले सरकारी कर्मचारी के लिए एक बुरी खबर सामने आई है क्योंकि विगत कुछ वर्षों पहले तीन बच्चों के होने पर सरकारी कर्मचारियों के विषय में एक नियम लागू किया गया था जिसका खामियाजा आज सरकारी कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।

दरअसल मध्य प्रदेश के भिंड जिले में हाल ही में नियुक्त हुए कम राज्य स्कूल के एक शिक्षक को उनकी नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है क्योंकि उनके 26 जनवरी 2001 के बाद तीसरी संतान थी। जब मामले की जांच हुई तो पता चला कि सीएम राइस स्कूल में अंग्रेजी विषय के शिक्षक गणेश प्रसाद की नियुक्तियां हाल ही में हुई थी लेकिन उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई तो पता चला कि उनकी तीन संतान है इसके बाद से शासन द्वारा उनकी नियुक्ति को निरस्त कर दिया गया है।

यह भी पढ़ें – CM मोहन यादव ने किया विक्रमोत्सव का उद्घाटन, साथ ही महिलाओं के खाते में 1576 करोड़ रुपये ट्रांसफर

Author

Leave a Comment

Your Website