लाडली बहना योजना से सभी महिलाओं का कटेगा नाम, सिर्फ इन्हें मिलेगा 5 सालों तक लाभ

लाडली बहना योजना में विधानसभा चुनाव के बाद छिंदवाड़ा जिले से 7 लाख महिलाएं और शिवपुरी जिले से लगभग 5 लाख महिलाओं के नाम काट दिए गए हैं और आगे भी इसी तरह से फिल्टर लगाया जाएगा और महिलाओं के नाम काटे जाएंगे। लेकिन कुछ ऐसी भी महिलाएं हैं जिन्हें इस योजना का लाभ आगामी 5 सालों तक इस योजना का लाभ मिलता रहेगा।

लाडली बहना योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के दौरान की गई थी जिसे वर्तमान में मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के द्वारा चलाया जा रहा है और इस योजना को आगामी 5 सालों तक जारी रखा जाएगा। और आगे चलकर इस योजना के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि को 1250 रुपए से बढ़ाकर कर धीरे धीरे 3000 रुपए प्रतिमाह कर दिया जाएगा।

इन महिलाओं के काटे जाएंगे नाम

लाड़ली बहना योजना का लाभ ले रही ऐसी महिलाओं के नाम काटे जाएंगे जो गलत तरीके से लाभ प्राप्त कर रही हैं। इसके साथ ही ऐसी महिलाएं जो वर्तमान में इस योजना के लिए पात्रता नहीं रखती हैं उन महिलाओं के नाम भी लाडली बहना योजना की पात्र श्रेणी से काट दिए जाएंगे।

लाडली बहना योजना का लाभ 23 वर्ष से 60 वर्ष की महिलाओं को दिया जाता है हालांकि तीसरा चरण प्रारंभ होने के बाद 21 वर्ष से 60 वर्ष की महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा। लेकिन 60 वर्ष से अधिक की उम्र होने के बाद महिलाओं को वृद्धा पेंशन का लाभ दिया जाएगा और इसी वजह से उनका नाम भी लाडली बहना योजना से हटा दिया जाएगा।

लाडली बहना योजना का लाभ ले रही ऐसी महिलाओं का नाम भी लाभार्थी सूची से हटाया जाएगा जो कि पहले इस योजना के लिए पात्रता रखती थी लेकिन वर्तमान में वह आयकर दाता है या उनकी सरकारी नौकरी लग जाती है या किसी सरकारी पद आदि में शामिल हो जाते हैं तो इस परिस्थिति में भी महिलाओं को लाभ का परित्याग करना होगा।

अब तक 2 लाख से ज्यादा महिलाओं के नाम काटे गए

लाडली बहना योजना की आठवीं किस्त के दौरान राज्य के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव जी ने आधिकारिक तौर पर ट्वीट कर यह जानकारी दी कि 2 लाख से ज्यादा महिलाओं के नाम के आठवीं किस्त के पहले काट दिए गए हैं और अब उन्हें भविष्य में इस योजना के लाभ नहीं मिल पाएगा। क्योंकि वे महिलाएं इस योजना के लिए पात्रता नहीं रखती है और गलत तरीके से योजना का लाभ ले रही थी।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की जानकारी के अनुसार शिवपुरी जिले से लगभग 5000 से अधिक महिलाओं के नाम काटे गए हैं और छिंदवाड़ा जिले से 7000 से ज्यादा महिलाओं के नाम काटे गए। जिनमें ऐसी महिलाएं शामिल थीं जिन्होंने अपनी खुद की इच्छा से लाभ का परित्याग किया हो और इनमें से लगभग 20% महिलाएं ऐसी भी थी जिनकी मृत्यु हो चुकी थी। और लगभग 30% ऐसी महिलाएं थीं जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक हो चुकी थी इसी वजह से उनका नाम इस योजना से हटा दिया गया है।

यह भी पढ़ें – लाडली बहना आवास योजना की पहली लाभार्थी सूची जारी, ऐसे देखें लिस्ट में अपना नाम

इन महिलाओं को मिलेगा 5 वर्षों तक लाभ

लाडली बहना योजना का लाभ आगामी 5 वर्षों तक दिया जाएगा जिनमें ऐसी महिलाएं शामिल होंगी जो इस योजना के लिए आगामी 5 वर्षों तक पात्रता रखती है। अगर कोई महिला आगामी वर्षों के भीतर में इस योजना के लिए पात्रता नहीं रखती है तो महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा फिल्टर करके उन महिलाओं का नाम हटा दिया जाएगा।

इसके अलावा अगर कोई महिला आने वाले 5 वर्षों के भीतर आयकर दाता बन जाती है या सरकारी नौकरी लग जाती है या फिर कृषि योग्य 5 एकड़ से अधिक भूमि महिला के नाम पर होती है तो उसे महिला को खुद से ही लाभ का परित्याग करना होगा। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा उनका नाम कभी भी काट दिया जाएगा। इसके साथ ही लाडली बहना योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर अंतिम सूची जारी कर दी गई है जिसमें आप पात्र एवं अपात्र आपत्ति सूची खुद से देख सकते हैं।

यह भी पढ़ें – देश के 99% लोगों को नहीं पता LPG गैस सिलेंडर पर लिखे अल्फाबेट्स का मतलब, जानिये पूरी जानकारी

Author

Leave a Comment

Your Website