ग्राम पंचायत सचिव बनने के लिए क्या है पूरी प्रक्रिया, देखें पंचायत सचिव की आवश्यकता और महत्वपूर्ण भूमिका

आज भी 70% से भी ज्यादा लोग सरकारी नौकरी का ख्वाब देखते हैं। ग्रेजुएशन में एडमिशन लेते हैं। स्टूडेंट्स और उनके अभिभावकों की प्राथमिकता यही रहती है कि बच्चा किसी तरह सरकारी नौकरी में लग जाए। ताकि उसका भविष्य सुरक्षित हो सके। ग्राम पंचायत सचिव भी एक ऐसा ही पथ है। जिसके लिए बड़े पैमाने पर राज्यों में भर्ती निकलती है और युवा उसके लिए आवेदन करते हैं।

ग्राम पंचायत सचिव के कार्य

हमारे देश में 51 हजार से भी ज्यादा ग्राम पंचायत हैं। जो गांव के विकास के लिए सरकारी योजनाओं को लागू करने के साथ ही गांव में आवश्यक मूलभूत ढांचे के निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाते हैं। उसके इन प्रस्तावों को राज्य सरकार की मंजूरी प्रदान की जाती है।

एक ग्राम पंचायत सचिव प्रस्ताव बनाने में ग्राम पंचायत के मदद करता है। वह ग्राम पंचायत में रहने वाले सभी लिपियां कार्यों यानि कि लेखा-जोखा रखने में काम करता है। ऑडिट के लिए इस लेखे-जोखे को मुहैया कराता है। उसे पंचायत कार्यालय प्रभारी भी कहा जाता है। वहीं ग्रामीणों के भी सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार का भी काम करता है। वह मूल रूप से सरकार और ग्राम पंचायत के बीच की कड़ी है।

पंचायत सचिव की महत्वपूर्ण भूमिका

ग्राम पंचायत सचिव की सहायता करने के लिए पंचायत सहायक होते हैं। जो पंचायत सचिव कि उसके कार्यों में मदद करते हैं। जैसे कि ग्राम पंचायत के अभिलेखों के रखरखाव में सहायता करना पंचायत के नियामक कार्य में सहायता करना और पंचायत की योजनाओं के लिए रिपोर्टिंग में सहायता करना। परियोजनाओं कार्यों और योजनाओं का ब्योरा तथा रिकॉर्ड रखने में सहायता करना आम निर्माण कार्य में ग्राम पंचायत सचिव की सहायता करना ग्रामसभा और ग्राम पंचायत की बैठक कराने में मदद करना।

ग्राम पंचायत सचिव 2024

ग्राम पंचायत सचिव यहां पर पंचायत सचिव को पंचायत कार्यालय का प्रभारी भी कहा जाता है। ग्राम सभा की बैठक में भी प्रस्ताव बनाने में ग्राम पंचायत की मदद करते हैं। यानी कि ग्राम पंचायत में होने वाले लिपिकीय कार्य तथा उसके अधीन ने की लेखा जोखा की देखरेख करना। उसकी पूरी मेंटेन करना उसकी प्रधान के रूप में पंचायत सचिव होते हैं।

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ग्राम पंचायत सचिव बनने के लिए आयु सीमा

यदि कोई इच्छुक युवा ग्राम पंचायत सचिव के लिए आवेदन करना चाहते हैं। तो इसके लिए युवाओं की आयु सीमा न्यूनतम 18 वर्ष रखी गई है और अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष रखी गई है।

ग्राम पंचायत सचिव बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता

ग्राम पंचायत सचिव बनने के लिए युवाओं की कम से कम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास होना बहुत जरूरी है। इसके अलावा किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से किसी भी विषय में स्नातक डिग्री होनी बहुत जरूरी है।

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ग्राम पंचायत सचिव का वेतनमान

ग्राम सचिवपद में कार्य करने वाले को वेतनमान अनुमानित तौर पर 25000 दिया जाता है। इसके अलावा जैसे-जैसे कर्मचारियों की सरकारी कार्य में सेवा की उम्र बढ़ती जाती है। तो उनका वेतनमान 55000 से लेकर 60000 तक हो जाता है। इसके अलावा ग्राम सचिव के पद पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को महंगाई भत्ते, आवास भत्ते यात्रा और अन्य भत्ते संबंधी सुविधाएं दी जाती हैं।

ग्राम पंचायत सचिव के मुख्य कार्य क्या होते हैं

  • ग्राम पंचायत सचिव गांव के विकास और सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • उनका कार्य है ग्राम पंचायत के प्रस्तावों का रिकॉर्ड रखना और उनके क्रियान्वयन में मदद करना।
  • ग्राम पंचायत सचिव के सहायक पंचायत के कार्यों में उनकी सहायता करते हैं और अन्य कार्यों में भी योगदान देते हैं।
  • उनका भी काम होता है ग्राम पंचायत की बैठक कराना और संपत्ति के रखरखाव में सहायता करना।

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