भिखारी बच्चों के लिए सर्वे करने निर्देश जारी, भिखारी बच्चों के लिए सरकार खोल रही है हॉस्टल

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भारी संख्या में चौराहे, धार्मिक स्थल, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के साथ अन्य कई जगहों पर भिखारियों की भीड़ देखने को मिलती है जिनमें बुजुर्गों, युवाओं सहित छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल होते हैं। राजधानी भोपाल को भिखारी मुक्त बनाने के लिए लगभग 8-10 दिन पहले भोपाल कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने प्रदेश के सामाजिक न्याय विभाग को निर्देश देते हुए कहा था की राजधानी भोपाल के चौराहों पर बहुत सारे भिखारी देखते हैं जिनमें काफी बच्चे भी शामिल है। 

उन्होंने विभाग को 7 दिन के अंदर कार्य योजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। बता दें जिला कलेक्टर के निर्देशन के बाद पंचायत सीईओ श्री ऋतुराज सिंह ने स्माइल बेग्गेरी स्कीम के तहत सोमवार को कार्यक्रम की समीक्षा की। 

भिखारी बच्चों का सर्वे करने के निर्देश जारी 

राजधानी भोपाल के कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह द्वारा जारी किए निर्देश के बाद जिला पंचायत सीईओ श्री ऋतुराज सिंह द्वारा भिक्षावृति उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा की गई जिसमें श्री ऋतुराज सिंह ने राजधानी में भिक्षावृति में डूबे हुए बच्चों की पहचान के लिए सामाजिक न्याय और निःशक्तजन कल्याण विभाग के अंतर्गत श्रम विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग और नगर निगम सहित अन्य सभी विभागों को निर्देश देते हुए कहा कि जिले में के चिन्हित बच्चों की पहचान लगाने के लिए सर्वे अभियान चलाया जाएगा। 

10 मार्च तक चलेगा भिखारी बच्चों का सर्वे 

शासन द्वारा जारी निर्देश के मुताबिक भोपाल जिले के सभी चौराहों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में भीख मांगने वाले बच्चों की पहचान करने और उनके फोटो पहचान के साथ डाटाबेस तैयार करने का काम अगले महीने 10 मार्च तक किया जाएगा। बता दें भोपाल शहर में लगभग डेढ़ से दो हज़ार भिखारी बच्चे हैं जिनकी उम्र 5 से 16 साल के बीच है और जो रोजाना अलग-अलग इलाकों में भीख मांगते हैं। 

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भिखारी बच्चों के लिए खोला जाएगा हॉस्टल 

राजधानी भोपाल के अलग-अलग इलाकों में भीख मांगने वाले बच्चों को बेहतर भविष्य उपलब्ध कराने के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक रखी गई जिसमें सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग संयुक्त संचालक श्री R.K सिंह ने संपूर्ण मामले की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार द्वारा स्माइल बेग्गरी योजना के तहत भिक्षावृति के लिप्त बच्चों को चिकित्सा, शिक्षा, कौशल विकास, बुनियादी दस्तावेज, परामर्श सुविधाओं सहित हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी ताकि उन बच्चों का भविष्य सुधर सके और उनके सर पर छत आ सके। 

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  • Srajan Thakur

    मेरा नाम सृजन है और मुझे लिखना काफी पसंद है। मैं एक जिज्ञासु वक्तितित्व का हूँ इसलिए मैं सम्पूर्ण विषयों के ऊपर लेख लिखने में सक्षम हूँ। में एक पूर्ण रूप से लेखक कहलाता हूँ।

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