पुरानी पेंशन लागू करने के लिए सरकार को दिया 6 सप्ताह का अल्टिमेटम, अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए हुए तैयार 

पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा देश भर में उठते हुए एक लंबा समय बीत चुका है ना तो सरकार इस पर कोई निर्णय लेती नजर आ रही है और ना ही कर्मचारी पीछे हटने को तैयार है। कर्मचारी संगठन पुरानी पेंशन बहाली की मांग केंद्र सरकार से मनवाने के पीछे पड़े हैं। वहीं सरकार है कि अपने फैसले से टस से मस नहीं हो रही। देश के कई कांग्रेस शासन वाले राज्यों में तो पुरानी पेंशन को लागू भी कर दिया गया है। 

पुरानी पेंशन बहाली को लेकर लंबे समय से इंतजार कर रहे केंद्रीय और राजकीय कर्मचारी संगठनों का OPS को लेकर इंतजार अब आक्रोश में बढ़ता जा रहा है। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारी संगठनों द्वारा केंद्र सरकार को 6 सप्ताह का अल्टीमेट दिया गया है साथ ही कर्मचारी संगठनों द्वारा सरकार को चेतावनी दी गई है कि यदि सरकार दी गई अवधि में कर्मचारियों की मांगों को न मानकर पुरानी पेंशन योजना को लागू नहीं करती है तो कर्मचारी संगठन देशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल करने पर उतर आएंगे, जिसका भारी असर देश के विभिन्न विभागों के कामों पर पड़ेगा। 

अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए कर्मचारी संगठन तैयार  

पुरानी पेंशन बहाली न करने वाले मुद्दे पर केंद्र और विभिन्न राज्य सरकार टस से मस नहीं हो रही, जिससे अब तंग आकर कर्मचारी संगठनों द्वारा केंद्र सरकार को 6 सप्ताह का अल्टीमेट दिया गया है। यदि सरकार इस अवधि में पुरानी पेंशन लागू नहीं करती है तो कर्मचारी संगठन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतर आएंगे।

बता दें देश भर में अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर देश के दो बड़े संगठन रेलवे और सुरक्षा (सिविल) के 96 फीसदी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के पक्ष में हड़ताल करने के लिए तैयार हैं। विभिन्न कर्मचारी संगठन और राज्यों की एसोसिएशन भी कर्मचारी संगठन के साथ खड़ी है उनके इस पुरानी पेंशन बहाली के फैसले में।  

कर्मचारियों की चेतावनी ‘सरकार को भुगतना पड़ेगा खामियाजा’ 

देश में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारी संगठन AIDEF के महासचिव सी. श्री कुमार नए संपूर्ण कर्मचारी संगठन की तरफ से आवाज उठाकर सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि लोकसभा चुनाव से पहले देश में पुरानी पेंशन लागू नहीं की जाती है तो केंद्र सरकार (BJP) को इसका भारी नुकसान भुगतना पड़ेगा, उन्होंने बताया कि देशभर के कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके परिवार को मिलाकर लगभग 10 करोड़ व्यक्तियों की संख्या हो जाएगी और यह 10 करोड़ की संख्या काफी है लोकसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर करने के लिए। 

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सरकार अपने फैसले पर अड़ी है 

पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर कर्मचारी संगठन सरकार से अपनी मांगों को पूरा कराने को लेकर लगातार प्रयत्न कर रहे हैं, लेकिन सरकार अपने फैसले पर निरंतर अड़ी हुई है।

दरअसल 11 दिसंबर 2023 को संसद भवन में केंद्र सरकार से पुरानी पेंशन बहाली को लेकर सवाल पूछा गया था जिसके जवाब में सरकार ने कहा था कि इस मुद्दे को कई दफा दोहराते हुए अनुरोध पत्र मिल चुका है लेकिन 1 जनवरी 2004 या उसके बाद के भर्ती हुए कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल करने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है और पुरानी पेंशन को लागू करना मतलब करोड़ों कर्मियों और सरकार के पैसे को डस्टबिन में डालना है। 

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  • Karan Sharma

    मेरा नाम करण है और मैं apnakal.com वेबसाइट के लिए आर्टिकल लिखता हूं। हिंदी लिखने का मेरा जुनून है जो मुझे सब कुछ के बारे में लिखने के लिए प्रेरित करता है।

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