मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के गृह जिले सीहोर में फसल बीमा राशि में करोड़ों का घोटाला

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर में फसल बीमा की राशि में करोड़ो का घोटाला सामने आया है। कलेक्टर ने तत्काल दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए हैं।

देखें क्या है पूरा मामला

सीएम शिवराज सिंह के गृह जिले सीहोर में किसानों को फसल बीमा क्षतिपूर्ति की राशि 13 जून को किसान कल्याण महाकुंभ आयोजन के दौरान ट्रांसफर की गई थी। लेकिन सीहोर जिले में किसानों को फसल बीमा क्षतिपूर्ति की राशि प्राप्त नहीं हुई। और यह सीहोर जिले के किसानों के लिए एक चर्चा का विषय बन गया।

जब मामले की जांच निजी स्तर पर की गई तो जांच में पाया गया कि किसानों के क्षतिपूर्ति की राशि तहसील कार्यालय में कार्यरत पटवारी सहित 3 अन्य कर्मचारियों के खाते में पहुंच गई है। इक्षावार तहसील के ग्रामों में किसानों को फसल बीमा क्षतिपूर्ति के 63 लाख रुपए की राशि सरकार द्वारा दी गई थी। लेकिन पटवारी सहित 3 अन्य कर्मचारियों ने मिलकर फर्जी तरीके से 171 किसानों की राशि के लिए अपना खाता लगा दिया और जब सीएम शिवराज सिंह द्वारा डीबीटी के तहत बीमा राशि ट्रांसफर की गई तो सीधे तहसील के पटवारी और 3 अन्य कर्मचारियों के खाते में प्राप्त हुई।

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13 जून को दी गई थी फसल बीमा की राशि

13 जून 2023 मंगलवार को किसान कल्याण महाकुंभ आयोजन किया था। यह कार्यल्रम राजगढ़ जिले में आयोजित किया गया और सीएम शिवराज सिंह सहित देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कार्यक्रम में शामिल हुए।

किसान कल्याण महाकुंभ कार्यक्रम में फसल बीमा के कुल 2933 करोड़ रुपए किसानों के खाते में डीबीटी के तहत सिंगल क्लिक में ट्रान्सफर की गई। इसके अलावा इस कार्यक्रम में सीएम शिवराज सिंह द्वारा डिफाल्टर किसानों के कर्ज का ब्याज चुकाया गया। राज्य के कुल 11 लाख से ज़्यादा किसानों के कर्ज के ब्याज की कुल राशि 2 हजार 123 करोड़ रुपए चुकाए गए।

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सीहोर जिले में 2017-21 में भी हुआ था किसानों के साथ गबन

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले में 2017-21 में फसल की क्षतिपूर्ति की राशि में भी गबन का मामला सामने आया था। जिले में 2017-21 में हुई क्षतिपूर्ति, ओलावृष्टि, प्राकृतिक आपदाएं में दी गई राशि में फर्जी नाम जोड़ कर धोखाधडी की गई थी। और इस दौरान कुल 2 करोड़ रुपए की हेरा फेरा का मामला बताया जा रहा था।

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