Coronavirus Essay In Hindi करोना वायरस पर निबंध 500

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coronavirus essay in hindi

क्या आप जानते हैं कि कोरोना वायरस से शरीर के कौन से अंग सबसे अधिक प्रभावित होता है। करोना वायरस से शरीर का सबसे अधिक प्रभावित होने वाला अंग फेफड़ा है। करोनावायरस जब शरीर में सांस के रास्ते होते हुए फेफड़ा में चला जाता है तो फेफड़ा को सबसे अधिक प्रभावित करने लगता है। जिसके कारण कोरोना प्रीत व्यक्ति को सांस लेने में अधिक परेशानी होने लगता है।

 

रूपरेखा

प्रस्तावना

करुणा कैसे फैलता है

कोरोनावायरस के लक्ष्ण

कोरोनावायरस से बचने का कुछ उपाय

कोरोनावायरस का चीन पर पहला वार

कोरोनावायरस से निपटने के लिए खोज

प्रस्तावना

Let’s start the topic coronavirus essay in hindi

कोरोनावायरस कहां से आया कैसे आया हमें पता नहीं चला लेकिन समाचार की दृष्टि से यह करोना वायरस चीन के बुहान राज्य से फैला कहां जाता है कि चीन बुहान राज्य के समुद्री खाद्य बाजार अर्थात पशु मार्केट से निकलकर चीन के कई राज्य में फैला और देखते ही देखते इसने ने लाखों लोगों की जिंदगी से खेलना शुरू कर दिया इस करोना वायरस ने 180 देशों को और उनके राज्यों को अपनी चपेट में ले लिया अभी तक दिसंबर 2019 में चीन में पहली करोना वायरस से मौत की पुष्टि हुई है इस वायरस ने लगभग 200000 लोगों की जान ली है 7 जनवरी 2020 को चीन ने वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन को नए वायरस कोरोनावायरस (कोविड-19 )के बारे में जानकारी दी

करोना कैसे फैलता है?

करोना वायरस संक्रमित मरीज के छींकने से इसके आस- पास के लोगों तक तेजी से फैलता है किसी करोना वायरस से संक्रमित मरीज के थूक को सतह पर छूने से और फिर अपने चेहरे मुंह नाक को हाथ लगाने से फैलता है यह करोना वायरस यात्रा कर रहे किसी संक्रमित व्यक्ति के कारण तेजी से फैल सकता है इतना ही नहीं हवाई जहाज की सीट पर यह कई घंटों तक जिंदा रह कर स्वस्थ व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है कहा जा सकता है कि एक करोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति हजारों लोगों को संक्रमित कर सकता है कोरोनावायरस मनुष्य के शरीर में बिना कोई लक्षण दिखाएं 14 दिनों तक एक्टिव रह सकता है

करोना वायरस के लक्षण

तेज बुखार ,गले में दर्द ,खत्म ना होने वाली खांसी और सांस लेने में तकलीफ होती है अंत में यह फेफड़ों को कमजोर बना देता है जिससे मरीज को सांस लेने में कठिनाई होती है या शरीर के दूसरे अंग को भी नाकाम कर देता है जिससे मरीज की मृत्यु हो जाती है

कोरोनावायरस से बचने का कुछ उपाय

coronavirus per nibandh 

अपने आप को करोना वायरस से मुक्त रखने के लिए हमें 20 सेकंड तक बार-बार अपने हाथ धोने चाहिए हम चाहे तो हैंड सेनीटाइजर का प्रयोग कर सकते हैं हमेशा घर से बाहर निकलते समय मुंह पर मास्क पहन कर निकले और घर आकर मार्क्स को साफ करने छींकने समय अपने मुंह को कोहनी से अथवा टिशू पेपर से ढक लें और टिशू पेपर को कूड़ेदान में फेंक दें अगर कोई इंसान बाहर से सफर कर के आया हो तो 2 हफ्ते तक अपने आप घर पर रहे और लोगों से दूरी बनाए रखें इससे संक्रमण का खतरा कम होगा इस समय समाजिक दूरी बनाए रखना सबसे बेहतर उपाय माना गया है तकरीबन इस संकट की घड़ी में सभी देशों ने लॉकडाउन करने का फैसला कर दिया और उसे शीघ्र ही लागू कर दिया जो इस समय सही उपाय है

करोना वायरस का चीन पर पहला वार

short and long coronavirus essay in hindi (कोरोना वायरस पर छोटे- बड़े निबंध )

11 जनवरी 2020 को चीन ने 61 वर्षीय आदमी की मौत की जानकारी दी जिसने बुहान के पशु बाजार से सामान खरीदा था दिल का दौरा पड़ने से उसकी मृत्यु हो गई 16 जनवरी को एक दूसरी मौत की खबर आई इसी तरह देखते ही देखते नेपाल ,फ्रांस ,ऑस्ट्रेलिया ,मलेशिया, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया ,वियतनाम ,ताइवान ,अमेरिका, भारत ,इटली आदि देशों को अपने पंजों में जकड़ लिया

चीन ने जनवरी के आखिरी दिनों में यह दावा किया कि यह एक मनुष्य से दूसरे मनुष्य में फैलता है जो कि काफी भयानक है लेकिन बहुत देर हो गई थी पूरा विश्व इसकी चपेट में आ चुका था और फिर संक्रमित लोगों तथा मृत्यु के मुख में जाने वाले की संख्या लाखों हजारों में आ चुकी थी कि 11 मार्च 2020 को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने करोना वायरस को एक भयानक महामारी घोषित कर दिया

कोरोनावायरस से निपटने के लिए खोज

पूरी दुनिया कोरोना वायरस से निपटने के लिए वैक्सीन की खोज में जुट गई है लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी है दुनिया भर के वैज्ञानिक डॉक्टर इसकी खोज के लिए दिन रात लगे हुए हैं इसमें आयुर्वेदिक होम्योपैथिक आदि समस्याएं भी प्रयत्नशील है

 

21 मार्च को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की समस्त विद्वान और वरिष्ठ जनता ने एक साथ मिलजुल कर भारत में लोक डाउन कर दिया जिसके चलते अब तक चार बार यही निर्णय किया गया और जनता ने इसे अपना और अपने देश के हित मानते हुए इसका पालन किया सारे देश में धारा 144 लगा दी गई दुकाने ,दफ्तर ,स्कूल, रेस्टोरेंट ,होटल सब बंद कर दिया गया ताकि इस महामारी से छुटकारा मिल जाए परिणाम काफी हद तक सफल रहा समाजिक दूरी बनाए रखने के कारण संक्रमित लोगों और मृत्यु दर में कमी आई किंतु खेद है जैसी किसी भी जगह की स्वच्छता में जिस प्रकार कुछ लोग बाधक बन जाते हैं जैसे सत्य की खोज में कुछ अज्ञानी अपना ज्ञान बांटने लगते हैं जैसे किसी संस्था में आग लग जाने के बाद कुछ लोग हाथ सेकने लगते हैं वैसे ही कुछ संप्रदायिक और राजनीतिक का रोना – रोने वाले राजनेता अपने भड़काऊ भाषणों से अपने कुकर्म से भोली जनता को भड़काने से बाज नहीं आते ऐसे लोग हम तो डूबेंगे सनम लेकर तुमको भी डूबेंगे वाली कहावत को चरितार्थ करते हैं ऐसे लोगों से बचना ही स्वीकार है क्योंकि कटीली झाड़ियों को कोई अपने घर की शोभा नहीं बनाता

देखा जा रहा है जहां मरीज का इलाज चल रहा है वहां हर चीज में करोना वायरस का प्रकोप है करोना वायरस बहुत ही समय तक हवा में और कपड़ों में कई घंटों तक जीवित रह सकता है भारत की जनता को चाहिए कि वह करोना वायरस से निपटने के लिए सरकार द्वारा दी गई सलाह से अपनी एवं अपने परिवार की रक्षा करें साथ ही असामाजिक दुष्प्रभाव फैलाने वालों लोगों और उनके मोबाइल संदेश एवं भाषण से दूर रहे वे सभी इस करोना वायरस से भी अधिक खतरनाक और हानिकारक वायरस है

आखिरकार में  एक लम्बे अर्सो के अथक प्रयास के  बाद दुनियाँ भर के कई देशो ने करोना वायरस पर काबू  पाने के लिए कोरोना वैक्सीन के निर्माण में सफलता प्राप्त कर लिया जिनमें भारत भी शामिल हैं।

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लेखक के बारे में

  • Princi Soni

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