MP News: मध्य प्रदेश की हजारों आशा कार्यकर्ताओं की सैलरी अटकी, मदद मांगने पहुंची पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के घर

मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। न ही महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी हुई और ना वेतन समय पर मिल रहा है। राज्य की हजारों आशा कार्यकर्ताओं को वेतन समय पर नहीं मिल रहा है। और इसी समस्या के समाधान की आश लेकर आशा कार्यकर्ता पूर्व मुख्यमंत्री और प्यारे भैया शिवराज सिंह चौहान के घर भोपाल पहुंची।

मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राज्य की बहनों और महिलाओं को अपना भाई बताते हैं और शिवराज सिंह जी के कार्यकाल में इसकी झलक भी देखने को मिली। लेकिन अब इस रिश्ते को निभाना बहुत महंगा पड़ता जा रहा है। क्योंकि हजारों आशा कार्यकर्ताओं को पिछले 3 महीनों से वेतन नहीं मिला और महिलाएं शिवराज सिंह चौहान जी से मदद मांग रही हैं।

कुछ आशा कार्यकर्ताओं को अयोग्य बता कर हटाया गया

भोपाल में अपना कल की टीम के साथ बात करते हुऐ आशा कार्यकर्ता राधिका का कहना है कि, अधिकतर कार्यकर्ता 5वीं पास है क्योंकि आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती के समय अंग्रेजी पढ़ना या लिखना अनिवार्य नहीं था और शैक्षणिक योग्यता पांचवी पास रखी गई थी। लेकिन अब आशा कार्यकर्ताओं से आयुषमान कार्ड सहित अन्य कार्य और सर्वे कराए जाते हैं। जिनमें कई जानकारी अंग्रेजी में होती है। ऐसे में कई आशा कार्यकर्ताओं द्वारा जानकारी भरने में समस्या होती है। और उन्हें अयोग्य बता कर हटा दिया जाता है।

कई आशा कार्यकर्ताओं को पिछले 14 महीने से नहीं मिला वेतन

मध्य प्रदेश की आशा कार्यकर्ताओं को पिछले 3 महीने से वेतन नहीं मिला है भोपाल की जेबा खान जो कि अपने घर से इकलौती कमाने वाली महिला है उन्हें भी पिछले 3 महीने से वेतन नहीं मिला। उनका कहना है कि घर में मैं अकेले कमाने वाली हूं। उनके घर में छोटी बेटी है लेकिन वेतन न मिलने से मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।

शिवपुरी की रहने वाली अहिल्या परिहार भी आशा कार्यकर्ता हैं और इन्हें पिछले 14 महीने से वेतन नहीं मिला है। इनका पूरा परिवार सैलरी पर निर्भर है लेकिन पिछले 14 महीने से वेतन न मिलने की वजह से बच्चों की पढ़ाई लिखाई और घर के खर्चों के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है।

कटनी जिले की आशा कार्यकर्ताओं को भी नहीं मिला वेतन

मध्य प्रदेश के कटनी जिले में भी लगभग 600 आशा कार्यकर्ताओं को पिछले 3 महीने से वेतन नहीं मिला। कटनी जिले के अतिथि शिक्षकों को भी पिछले 6 महीनों से वेतन भुगतान नहीं किया गया है। इनके साथ ही 530 स्व-सहायता समूह और 600 रसोइयों को भी पिछले 4 महीने से वेतन प्राप्त नहीं हुआ है। स्वसहायता समूहों की महिलाओं के द्वारा जिला कलेक्टर और सीएम मोहन यादव को पत्र भी लिखा गया। लेकिन अब तक समय बनी हुई है।

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पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की बढ़ी मुश्किलें

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मुश्किलें बढ़ती जा रही है क्योंकि विधानसभा चुनाव के दौरान शिवराज सिंह चौहान जी ने कई तरह के वादे महिलाओं से किए हुए थे लेकिन उन्होंने कई वादों में शर्तें लागू नहीं की थी। क्योंकि उनका मानना था कि वह मुख्यमंत्री बनेंगे या विपक्षी दल में रहेंगे। लेकिन अब मामला अलग ही है। आज शिवराज सिंह चौहान अगर आशा कार्यकर्ताओं की सुनते हैं तो पार्टी बुरा मान जाएगी और अगर पार्टी के साथ खड़े रहते हैं तो उनके वादे अधूरे रह जाएंगे।

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