मध्यप्रदेश के 88 गांवों से होकर गुजरेगी 975 किलोमीटर लम्बी रेलवे लाइन, हेलिकॉप्टर से किया जा रहा है सर्वे

मध्य प्रदेश को अब जल्द ही नई रेलवे लाइन की सौगात मिलने वाली है। बता दें कि रेलवे विभाग द्वारा इटारसी से विजयवाड़ा के बीच नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को बनाने की परियोजना तैयार की गई है, जिसके लिए राज्य सरकार ने प्रदेश के 88 गांवों की जमीन का सर्वे हेलिकॉप्टर के माध्यम से करने का निर्णय लिया है। बीते दिन इस परियोजना के तहत हेलिकॉप्टर के माध्यम से 88 गांवों का सर्वे कार्य इंजीनियरों द्वारा आरंभ किया गया। 

इटारसी से विजयवाड़ा के बीच बनने वाली यह नई रेलवे लाइन तकरीबन 975 किलोमीटर लंबी होने वाली है। हैदराबाद की कंपनी की टीम बैतूल के हिनोतिया, मलकापुर, बडोरा, सिंगनवाड़ी सहित प्रदेश के 88 गांवों का सर्वे हेलिकॉप्टर पर लगे लेजर सक्षम उपकरण का इस्तेमाल करके लाइट डिटेक्शन एंड रेजिंग तकनीक के माध्यम से सर्वे कार्य सफलतापूर्वक किया गया। 

बनेगा 975 किलोमीटर लंबा फ्रेट कॉरिडोर 

मध्य प्रदेश रेलवे द्वारा नई रेलवे लाइन के निर्माण की परियोजना तैयार की गई है। उत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ने वाला यह डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर 975 किलोमीटर लंबा होने वाला है, जिसके लिए सैटेलाइट सर्वे का संपूर्ण कार्य हेलिकॉप्टर के माध्यम से पूरा किया जा रहा है। इस फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण के बाद इस पर सिर्फ माल गाड़ी चलाई जाएगी जिससे यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों का आवागमन हो जाएगा। 

बैतूल मुलताई के 88 गांवों से निकलेगा फ्रेट कॉरिडोर 

इटारसी से विजयवाड़ा के बीच तैयार किए जा रहे इस 975 किलोमीटर लंबे फ्रेट कॉरिडोर में बैतूल- मुलताई तहसील के कुल 88 गांवों शामिल है। इन 88 गांवों के बीच से ही यह नई रेलवे लाइन बिछाई जाएगी जिसमें बैतूल तहसील के बोरगांव, भयावाड़ी, झाड़ेगांव, पांगरा, भडूस, परसोड़ा, दनोरा, भोगीतेड़ा, बडोरा, भरकवाड़ी, बैतूलबाजार, हनौतिया, सिगनवाड़ी, चकोरा,गजपुर, माथनी, मंडईखुर्द, मंडई बुजुर्ग,बाजपुर, केलापुर, मलकापुर, आमला तहसील के ससाबड़, आमला, रमली, केदारखेड़ा, किल्लौद, रतनपुर, बागदा, बरसाली, लाखापुर, मोरडोंगरी, ठानी रैय्यत, ठानी माल,परसोड़ा एवं रंभाखेड़ी गाँव हैं।  

वहीं मुलताई तहसील के कान्हा बघोली, निरगुड़, वलनी, पारेगांव, मुलताई, अंबा बघोली, हीराखापा, सोनोली, जामगांव, देवभिलाई, सांईखेड़ा, रायआमला, खेड़ीजगाजी, सिरसावाड़ी, बघोड़ा, आष्टा, सांवगी, कुंभीखेड़ा, खेड़ीरामोसी एवं गंगापुर गाँव से रेलवे लाइन गुजरेगी।

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मालगाड़ी के लिए होगी स्वतंत्र रेल लाइन  

मालगाड़ी के परिचालन के लिए बनाई गई स्वतंत्र रेल लाइन को फ्रेट कॉरिडोर कहा जाता है। इस स्वतंत्र रेलवे लाइन में केवल मालगाड़ियों को तय समय सारणी से चलाया जाता है। इन मालगाड़ियों के जरिए एक शहर से बुक किया गया सामान दूसरे शहर में समय पर पहुंचाया जाता है। हालांकि स्वतंत्र रेल लाइन की व्यवस्था भोपाल सहित अन्य पश्चिमी रेलवे लाइन में नहीं है जिस वजह से सार्वजनिक रेल लाइनों पर ही मालगाड़ी ट्रेनों को चलाया जाता ह, जिससे यह माल एक शहर से दूसरे शहर समय पर नहीं पहुंच पाता। 

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  • Srajan Thakur

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