MP News: मध्य प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में होगा बड़ा बदलाव, केंद्र सरकार ने दी 219 करोड़ रुपये की मंजूरी

मध्य प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने केजरीवाल सरकार की तरह ही कार्ययोजना बनाई है। जिसमें 219 करोड रुपए की मंजूरी केंद्र सरकार द्वारा दी गई है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के प्रथम चरण में 416 स्कूलों को ग्रीन स्कूल की तरह विकसित किया जाएगा।

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने के बाद डॉक्टर मोहन यादव जी को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है। और नए मुख्यमंत्री जी का लक्ष्य शिक्षा और विकास के क्षेत्र पर है। इसके साथ ही महिकाओं, किसानों और बिरोजगारों पर भी उनका विशेष ध्यान है।

मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं को नौकरी करने का अवसर दिया। महिला सशक्तिकरण दिवस को सम्मानपूर्वक मनाया और किसानों के लिए भी कई योजनाएं शुरू की अब उनका ध्यान शिक्षा के क्षेत्र पर है और उन्होंने इस क्षेत्र में भी अब महत्वपूर्ण कार्य करना शुरू कर दिया है जिसके बारे में आज हम यहां विस्तार से जानेंगे।

730 स्कूलों को पीएमश्री स्कूल की तरह बनाया जाएगा।

मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए 730 स्कूलों को पीएम श्री स्कूलों की तरह बनाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में 626 स्कूल और शहरी क्षेत्रों में 104 स्कूूलों का चयन विकास करने के लिए चयन किया गया है।

प्रथम चरण में 219 करोड़ की कार्ययोजना को मंजूर

मध्य प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2030-24 में 219 करोड़ की मंजरी 416 विद्यालयों के लिए दी गई है। जिसमें चयनित स्कूलों को ग्रीन स्कूल की तरह ही बनाया जाएगा और इन स्कूलों में लैब, लाइब्रेरी, व्यावसायिक शिक्षा, आई.सी.टी लैब, अटल तिकरिंग लैब आदि बनाई जाएगी।

यह भी पढ़ें – लाडली बहना योजना से सभी महिलाओं का कटेगा नाम, सिर्फ इन्हें मिलेगा 5 सालों तक लाभ

मध्य प्रदेश में डिजिटल एजुकेशन को महत्व दिया जाएगा

मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित स्कूलों में आईसीटी लब की स्थापना को प्राथमिकता दी जाएगी। जिससे शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेंगे। मध्यप्रदेश में नई शिक्षा नीति को डिजिटल एजुकेशन के रूप में माना गया है। मध्य प्रदेश में 2350 सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर लैब स्थापित किए जा चुके हैं। और प्रत्येक लैब में कम से कम 10 कंप्यूटर और अन्य आवश्यक उपकरण प्रदान किया जा रहे हैं।

मध्य प्रदेश में संचालित हो रही सरकारी स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों से बेहतर बनाया जाएगा और इसके लिए केंद्र सरकार ने भी मंजूरी दे दी है और मध्य प्रदेश सरकार ने अपना पूर्ण योगदान दिया है। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में ICT लैब स्थापित होंगे। ICT लैब का अर्थ सूचना और संचार प्रौद्योगिकी है। आईसीटी में इंटरनेट मोबाइल दोनों ही उपकरणों का उपयोग किया जाता है जो वायरलेस नेटवर्क के साथ जुड़े होते हैं इस तकनीक का दुनिया भर में व्यापक तरीके से उपयोग किया जाता है और यह लैंडलाइन टेलीफोन टेलीविजन और रेडियो जैसे उपकरणों की तकनीक का एक मिश्रण है।

यह भी पढ़ें – लाडली बहना योजना से सभी महिलाओं का कटेगा नाम, सिर्फ इन्हें मिलेगा 5 सालों तक लाभ

Author

Leave a Comment

Your Website