सरकार से लूट लिए 15 हजार करोड़ रुपए, इनका तरीका देख आपके भी उड़ जायेंगे होस

दिल्ली से सटे नोएडा में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों की मदद से सरकार से 15 हज़ार करोड़ रुपए लूट लिए लेकिन सबसे ज्यादा हैरान कर देने वाली बात यह है कि इनकी इस लूट से किसी व्यक्ति से इन्होंने पैसे नहीं लिए बल्कि सीधे सरकारी खजाने से इन्हें सरकार पैसे देती थी यह बहुत ही हैरान कर देने वाला मामला। इनकी इस लूट के तरीके के बारे में अधिक जानने के लिए ब्लॉग पोस्ट को अन्त तक जरुर पढ़ें।

विजय माल्या और नीरव मोदी को छोड़ा पीछे

भारत के सबसे बड़े लुटेरे विजय माल्या और नीरव मोदी को भी इस गिरोह ने पीछे छोड़ दिया है। दिल्ली से सटे नोएडा की यह खबर सुन पुलिस प्रशासन सहित आम जानता के भी होस उड़ चुके हैं। नोएडा के इस गिरोह को पकड़ने के साथ साथ पुलिस ने इनके पास से पैन कार्ड, आधार कार्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण फर्जी दस्तावेजों को बरामद किया है। 15 हजार करोड़ की ठगी करने वाले इस गिरोह के 8 लोगों को पुलिस हिरासत में लिया गया।

आपकों बता दें कि विजय माल्या पर 9 हज़ार करोड़, और नीरव मोदी पर 14 हज़ार करोड़ रूपए के बैंक से फ्रॉड करने का आरोप है। और नोएडा के इस गिरोह ने पिछले 5 सालों में 15 हज़ार करोड़ का फ्रॉड कर दीया। इस गिरोह में शमिल 8 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है और पुलिस कमिश्नर के अनुसार कुल 50 लोग इस ग्रुप में शामिल हैं जिसमें से 8 लोगों को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है बाकियों की तलाश जारी है।

यह भी पढ़ें – पैन कार्ड धारकों के लिए अच्छी खबर सरकार ने जोड़ा एक और नया नियम

कैसे किया 15 हज़ार करोड़ का फ्रॉड

नोएडा के इस गिरोह में शामिल सभी आरोपियों का अपना अपना काम रहता था। सबसे पहले पैन कार्ड, आधार कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को तैयार किया जाता था पैन कार्ड को तैयार करने के लिए ऑनलाइन वेबसाइट या आउटसोर्स कंपनी से डाटा लिया जाता था और फिर किसी झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों को कुछ पैसों का लालच देकर के उनके आधार कार्ड में अपना फर्जी नंबर ऐड करा लिया जाता था और इस तरह उनके आधार कार्ड के जरिए एक ही तरह के नाम के हजारों फर्जी दस्तावेज को तैयार कर लिए जाते थे।

फर्जी दस्तावेज तैयार करने के बाद फर्जी कंपनी का रजिस्ट्रेशन किया जाता था और एक जीएसटी नंबर लिया जाता था जीएसटी की मदद से जीएसटी रिफंड लेने का कार्य इस ग्रुप द्वारा किया जाता था इस ग्रुप में लगभग 2600 से ज्यादा कंपनी रजिस्टर्ड कर ली थी और पिछले 5 सालों में 15 हज़ार करोड़ का जीएसटी रिफंड ले लिया गया था और इस तरह इस गिरोह ने सरकारी राजस्व को बहुत ही आसानी से लूट लिया।

यह भी पढ़ें – पैन कार्ड और आधार कार्ड से 15 हजार करोड़ का घोटाला, देखें कैसे लूटा इसने 2600 से ज्यादा कंपनी को

इस गिरोह में चार्टर्ड अकाउंटेंट भी शामिल है और एक CA को पुलिस द्वारा अरेस्ट कर लिया गया है साथ में कुल 8 आरोपियों को पुलिस की गिरफ्त में लिया गया है और अन्य की जांच की जा रही है। आप इस लूट के बारे में क्या कहना चाहेंगे नीचे कॉमेंट करके जरूर बताएं साथ ही इसी तरह की खबरों के लिए हमसे जुड़े रहें।

और अधिक पढ़ें

Author

Leave a Comment

Your Website